पन्नालालनगर बड़े नाले की सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए 75 लाख रुपये मंजूर
जल्द शुरू होगा काम, मिलिंद बांबल के प्रयास रंग लाए

* 45 वर्षों से उपयोग में आने वाला मार्ग नाला धंसने से हुआ था बंद
* आंदोलन के बाद मंजूर हुई निधि
अमरावती/दि.25 – पन्नालालनगर स्थित बड़े नाले की सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे नगरसेवक मिलिंद बांबल के लगातार प्रयासों और आंदोलन के बाद आखिरकार नगर निगम ने निर्माण कार्य के लिए निधि मंजूर कर दी है. दोनों प्रस्तावों के टेंडर भी जारी हो चुके हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है.
जानकारी के अनुसार, पन्नालालनगर में सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण बड़ा नाला धंस गया था, जिससे पिछले करीब 45 वर्षों से नागरिकों द्वारा उपयोग किया जा रहा मुख्य मार्ग बंद हो गया. यह रास्ता सैकड़ों महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है. नाले के किनारे सड़क धंस जाने और बड़े गड्ढे बनने से किसी भी समय गंभीर दुर्घटना और जनहानि की आशंका बनी हुई थी. कुछ महीने पहले नगरसेवक मिलिंद बांबल ने इस समस्या को लेकर नाले में उतरकर आंदोलन किया था. इसके बाद नगर निगम ने पहले चरण में चंदू सोजतिया के घर से पप्पू गहलोत के घर तक सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया, लेकिन आगे का हिस्सा अधूरा रहने से बाद में एक भारी मालवाहक ट्रक अनियंत्रित होकर नाले में गिर गया और सड़क फिर से बंद हो गई. लगातार किए गए पत्राचार, आंदोलन और नगर निगम की आमसभा में मुद्दा उठाने के बाद अब पप्पू गहलोत के घर से रवी शेंडे के घर तक सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए 49.80 लाख मंजूर किए गए हैं. इसके अलावा राजलता बागड़ी से रामेश्वर रवरासे के घर के पीछे सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए 26 लाख की मंजूरी भी मिल चुकी है. दोनों कार्यों के टेंडर जारी हो चुके हैं और जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
मिलिंद बांबल ने बताया कि वर्ष 2016-17 में स्थायी समिति के सभापति रहते हुए उन्होंने शहर के 16 बड़े नालों और 18 उपनालों के दोनों किनारों पर सुरक्षा दीवार बनाने का प्रस्ताव पारित कराया था. इसके लिए 375.80 करोड़ की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) भी तैयार की गई थी, जिसमें राजापेठ से एचवीपीएम तक लगभग 1700 मीटर लंबे नाले की सुरक्षा दीवार, मारोती नगर, कालीमाता मंदिर, श्रीनाथवाड़ी तथा देसाई लेआउट क्षेत्र के विकास कार्य भी शामिल थे. हालांकि वर्ष 2017 के बाद इस परियोजना पर आगे कार्रवाई नहीं हो सकी. उन्होंने मांग की कि शहर के सभी प्रमुख नालों की सुरक्षा दीवारों के लिए स्वीकृत डीपीआर पर नगर निगम और राज्य सरकार शीघ्र कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में नाले धंसने जैसी घटनाओं से बचा जा सके. स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए निधि मंजूर होने पर खुशी व्यक्त करते हुए नगरसेवक मिलिंद बांबल के प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि वर्षों पुरानी समस्या का अब स्थायी समाधान होगा.