पांच कर्मचारियों ने लगाया फाइनांस कंपनी को 17 लाख का चुना

परस्पर जमा किए कर्ज के पैसे, मोर्शी की घटना

अमरावती /दि.13- जिले के मोर्शी, वरूड और नांदगांव खंडेश्वर पुलिस स्टेशन में शनिवार को जालसाजी के तीन मामले दर्ज हुए है. इस लाखो रुपए की जालसाजी हुई है. मोर्शी के फाइनांस कंपनी में हुई 17 लाख रुपए की धोखाधडी सबसे बडी है.
मोर्शी के ईसाफ स्मॉल फाइनांस बैंक शाखा के कस्टड हेड सतीश दास द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक बैंक के चांदुर बाजार निवासी कर्मचारी अक्षय प्रकाशसिंह रघुवंशी, आष्टी निवासी अरुण रामकृष्ण खर्चान, परतवाडा निवासी राजेश गजानन पाखान, सातरगांव निवासी अंकुश वासुदेवराव राऊतकर और वरूड तहसील के पवनी निवासी रुपेश अशोकराव आवारे नामक पांच कर्मचारियों ने मिलीभगत कर ग्राहकों सहित बैंक के साथ जालसाजी की. इन आरोपियों ने बैंक के 110 ग्राहकों से कर्ज की किश्तो के पैसे जमा किए. लेकिन उसे बैंक में जमा न करते हुए खुद के फायदे के लिए इस्तेमाल किए. आरोपियों ने मिलकर 17 लाख 66 हजार 667 रुपए का घोटाला करते हुए बैंक और ग्राहकों से जालसाजी की. इस प्रकरण में मोर्शी पुलिस ने शनिवार को मामला दर्ज किया है. 25 जुलाई 2025 से 11 जुलाई 2026 के दौरान यह घटना घटित हुई.

* वरूड में रिश्तेदार ने लगाया चुना
वरूड निवासी शाहीस्ता बानो को उसी के रिश्तेदार ने ऑनलाईन चुना लगाया. वरूड के ताजनगर निवासी आरोपी नदीम बेग (35) ने शिकायतकर्ता के मृत पति के बैंक खाते और अन्य एक बैंक खाते से इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से परस्पर 3.51 लाख रुपए खुद के खाते में ट्रांसफर कर लिए. वरूड पुलिस ने इस प्रकरण में 11 जुलाई को मामला दर्ज किया है.

* सोलर के नाम पर ठगी
नांदगांव खंडेश्वर निवासी राहुल घोलप (40) को सोलर प्लेट, वेंटेज स्ट्रक्चर और इन्वर्टर बैठाकर देने के नाम पर एक कंपनी का एजेंट मनोज संचालक अभिजीत सुरेंद्र धर्माले ने मिलीभगत की. राहुल घोलप ने उन पर विश्वास कर 1 लाख 45 हजार रुपए दिए. लेकिन पैसे लेने के बाद भी काम न करते हुए टालमटोल जवाब दिए. पुलिस ने अमरावती निवासी अभिजीत धर्माले के खिलाफ 11 जुलाई को मामला दर्ज किया है.

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