जिला बैंक के चुनाव की सितंबर में धामधूम

सहकार क्षेत्र में राजनीतिक मोर्चाबंदी ने पकडी रफ्तार

* प्रतिनिधि नियुक्ती की प्रक्रिया भी हुई शुरू
अमरावती/दि.11 – दी अमरावती जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक धामधूम अभी से शुरू हो गई है तथा सितंबर माह के पहले या दूसरे सप्ताह दौरान मतदान कराए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है. जिसके चलते सभासद संस्थाओं के प्रतिनिधि नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई तथा सहकार क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक गटों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जबरदस्त ढंग से मोर्चाबंदी की जा रही है. जिले की सेवा सहकारी संस्थाओं में चुनावी वातावरण के बनते ही अब सहकार क्षेत्र में राजनीतिक वातावरण तपता दिखाई दे रहा है.
उल्लेखनिय है कि, हाल फिलहाल के दौर में जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक एक तरह से अमरावती के राजनीतिक समिकरणों का केंद्र बिंदू बन गई है. बैंक के संचालक मंडल में सांसद व विधायक सहित जिले के प्रभावी सहकारी नेताओं का सहभाग रहने के चलते इस चुनाव की ओर सभी का ध्यान लगा हुआ है. जिला बैंक का पिछला चुनाव काफी रोचक साबित हुआ था. जब तत्कालिन मंत्री बच्चू कडू ने पहली बार संचालक निर्वाचित होते हुए बैंक में प्रवेश किया था. वहीं राकांपा नेता संजय खोडके का बेहद कम वोटों से पराभव हुआ था. कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष तथा जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष बबलू देशमुख एवं उनके गुट का कई वर्षों तक बैंक पर वर्चस्व रहा और पिछले चुनाव में भी बबलु देशमुख गुट के सर्वाधिक संचालक चुनकर पहुंचे थे. लेकिन तत्कालिन मंत्री बच्चू कडू ने जबरदस्त राजनीतिक रणनीति पर अंमल करते हुए बैंक की सत्ता को अपने पास खिंच लिया था. जिसके चलते इस बार बैंक के चुनाव को काफी प्रतिष्ठापूर्ण माना जा रहा है. जिसके चलते सभी राजनीतिक दलों ने अभी से ही अपनी ताकत लगानी शुरू कर दी है.
बैंक के मौजुदा संचालक मंडल का कार्यकाल आगामी अक्टूबर माह में खत्म होनेवाला है. जिसके चलते नए संचालक मंडल का चयन करने हेतु सहकार विभाग द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है. जिला सहकारी निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभासद संस्थाओं को 23 जून से 22 जुलाई की कालावधी के दौरान अपनी उपविधी के अनुसार संचालक मंडल या अधिमंडल की बैठक में प्रतिनिधि नियुक्ती का प्रस्ताव मंजूर करते हुए संबंधित सहायक निबंधक या सहकार अधिकारी (श्रेणी-1) के पास प्रस्तुत करना है. जांच पडताल के बाद ऐसे प्रस्ताव को प्राधिकृत अधिकारी तथा जिला उपनिबंधक सहकारी संस्था के पास भेजा जाएगा. यह प्रक्रिया पूरी होने पर 15 अगस्त के बाद प्रारूप मतदाता सूचि प्रकाशित होने की संभावना है. जिसके बाद चुनावी कार्यक्रम पर अंमल किया जाएगा. जिसे देखते हुए सितंबर माह के पहले या दूसरे सप्ताह दौरान प्रत्यक्ष मतदान कराए जाने की संभावना जताई जा रही है.

Back to top button