मध्यस्थता प्रक्रिया पर अधिवक्ताओं को दिया जा रहा 40 घंटे का प्रशिक्षण
सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी के साथ संवाद, बातचीत और समझौते की तकनीकों पर मार्गदर्शन

अमरावती /दि.11- जिला विधि सेवा प्राधिकरण, अमरावती की ओर से अधिवक्ताओं के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया से संबंधित 40 घंटे का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है. प्रशिक्षण में मध्यस्थता की संकल्पना एवं महत्व, मध्यस्थ की भूमिका एवं जिम्मेदारियां, पक्षकारों के साथ प्रभावी संवाद, बातचीत एवं समझौते की तकनीक, विवाद निवारण की विभिन्न पद्धतियां तथा मध्यस्थता की प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है.
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिवक्ताओं को मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के प्रभावी एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न परिस्थितियों में मध्यस्थ की भूमिका, पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित करने तथा समझौते की दिशा में प्रभावी प्रयास करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया जा रहा है.
* उद्घाटन कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी रहे उपस्थित
प्रशिक्षण का उद्घाटन कार्यक्रम 7 अगस्त को आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधि सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष न्यायमूर्ति उज्वला एम. नंदेश्वर ने की. कार्यक्रम का प्रास्ताविक जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव संजय सहारे ने किया. इस अवसर पर जिला न्यायाधीश-1 ए. जी. जोशी, अमरावती के वरिष्ठ स्तर के दिवानी न्यायाधीश के. आर. राजपूत, अमरावती जिला वकील संघ के अध्यक्ष प्रशांत देशमुख सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित थे.