एक मर्डर को छिपाने किया था झगडा और दूसरा मर्डर हो गया

अमर व्यास हत्याकांड की अजिबोगरीब गुत्थी सुलझी, सामने आई सनसनीखेज जानकारी

* आदेश तेलमोरे में 24 घंटे के भीतर दो हत्याकांडों को दिया था अंजाम
* अमर व्यास की हत्या के मामले से बचने हेतु आदेश तेलमोरे ने चलाया था जबरदस्त दिमाग
* क्राईम ब्रांच की सुझबूझ के सामने आदेश तेलमोरे की ‘होशियारी’ रह गई धरी की धरी
* बिना सीसीटीवी फूटेज और बिना कोई सबूत के क्राईम ब्रांच ने जोडा सभी कडियों को
* कडी से कडी जुडते ही मामला पहुंचा जेल में बंद आदेश तेलमोरे व उसके दो साथियो तक
* अमर व्यास मामले में कुल 8 आरोपी हुए है नामजद, 3 जेल में बंद, 4 गिरफ्तार, 1 फरार
* जेल में बंद आरोपियों से फ्रेजरपुरा पुलिस व क्राईम ब्रांच जल्द कर सकते है पूछताछ
अमरावती /दि.5- विगत रविवार 1 फरवरी को स्थानीय फ्रेजरपुरा पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत छत्री तालाब परिसर स्थित एक कुएं से एक युवक की सडीगली लाश बरामद हुई थी. जिसकी शिनाख्त जांच के दौरान महादेव खोरी परिसर में रहनेवाले अमर मोतीलाल व्यास (34) के तौर पर की गई थी. साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ था कि, किसी ने जमकर मारपीट करने के साथ ही अमर की जांघ पर चाकू के सपासप वार किए थे. जिसके बाद संभवत: उसे कुएं में ढकेल दिया गया था. जिसके चलते अमर व्यास की मौत हुई थी. ऐसे में फ्रेजरपुरा पुलिस के साथ-साथ शहर पुलिस की क्राईम ब्रांच ने इस मामले की जांच करनी शुरु की थी और क्राईम ब्रांच ने अपने स्तर पर जांच पूरी करने के साथ ही एक ऐसी गुत्थी को सुलझाकर मामले से जुडा एक ऐसा सच सबके सामने उजागर किया है, जिसे जानने व सुनने के बाद हर कोई हैरत में पड गया. क्योंकि जिन 8 आरोपियों को क्राईम ब्रांच के दल ने अमर व्यास की हत्या के मामले में नामजद किया था, उनमें से 3 मुख्य आरोपी विगत 11 फरवरी को नांदगांव पेठ पुलिस थाने क्षेत्र में घटित हत्या व हत्या के प्रयास को लेकर करीब 25 दिनों से जेल में बंद है. जिसके चलते यह अपने-आप में सबसे बडी गुत्थी थी कि, पहले से जेल में बंद रहनेवाला व्यक्ति बाहर आकर किसी का मर्डर कैसे कर सकता है. इसी गुत्थी को सुलझाते हुए क्राईम ब्रांच के पीआई संदीप चव्हाण ने अब इस सच को उजागर किया है कि, नांदगांव पेठ थाना क्षेत्र में 11 फरवरी को घटित वारदात से भी एक दिन पहले यानि 10 फरवरी को ही आरोपियों ने अमर व्यास को मौत के घाट उतारकर सुनसान स्थल पर स्थित कुएं में फेंक दिया था. जिसके बाद अपने इस कृत्य को छिपाने के लिए उन्होंने किसी अन्य थाना क्षेत्र में कोई छिटपूट वारदात को अंजाम देते हुए पुलिस की पकड में आने और लॉकअप या जेल में बंद हो जाने की योजना बनाई थी. लेकिन इसी चक्कर में मुख्य आरोपी आदेश तेलमोरे व उसके दो साथीदारों ने नांदगांव पेठ थाना क्षेत्र में दुपहिया वाहन का कट लगने को लेकर दो भाईयों के साथ जमकर विवाद किया था तथा एक भाई को मौत के घाट उतारते हुए दूसरे भाई को गंभीर रुप से घायल कर दिया था, यानि एक मर्डर की घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने 24 घंटे के भीतर दूसरा मर्डर करने के साथ-साथ एक और मर्डर का प्रयास भी कर डाला था.
* ऐसे घटित हुई थी वारदात
एक-दूसरे के बिल्कुल समांतर या एक के बाद एक घटित इन दो वारदातों को लेकर मिली जानकारी के मुताबिक असल हकीकत यह थी कि, महादेव खोरी परिसर में रहनेवाले अमर व्यास ने कुछ समय पहले अपने परिचित आदेश तेलमोरे से तीन हजार रुपए की रकम उधार ली थी. जिसे वह समय पर लौटा नहीं पाया था. जिसके चलते पेशे से कुख्यात अपराधी रहनेवाला आदेश तेलमोरे अक्सर ही अमर व्यास को फोन किया करता था. लेकिन अमर व्यास हमेशा ही आदेश तेलमोरे का फोन रिसीव करने में टाल-मटोल करता था, या फिर इधर-उधर की बाते करते हुए उसे घुमाने का काम करता था. ऐसे में आदेश तेलमोरे ने अमर व्यास को घेरने और उससे अपना पैसा वसूल करने की योजना बनाई. जिसके तहत उसने अमर व्यास के दोस्त रहनेवाले संजय गायकवाड को डरा-धमकाकर इस बात के लिए राजी किया कि, वह अमर व्यास को शराब पीने के बहाने किसी जगह पर मिलने हेतु बुलाए. जिसके चलते 9 फरवरी को अमर व्यास जैसे ही कहीं बाहरगांव से वापिस अपने घर लौटा, तो इसका पता चलते ही संजय गायकवाड ने उसे शराब पीने के लिए अपने साथ चलने के लिए कहा और फिर अमर व्यास व संजय वानखडे सहित दीप उर्फ यशोदीप बेलेकर ऐसे तीन लोग मध्यवर्ती बसस्थानक परिसर पहुंचे. जहां पर अमर व्यास को यशोदीप के साथ छोडकर संजय वानखडे दारु लाने की बात कहते हुए कहीं चला गया. तभी वहां पर आदेश तेलमोरे पहुंच गया. जिसे देखते ही अमर व्यास बुरी तरह से घबरा गया और अपने पास फिलहाल पैसे नहीं रहने व जल्द ही उधारी के पैसे लौटा देने की बात कही. इस समय अमर व्यास ने सिर पर आई बला को टालने के लिहाज से अपने एटीएम से 300 रुपए निकालकर आदेश तेलमोरे को दे दिए. जिसके बाद आदेश ने अमर व्यास व दीप बेलेकर को अपने साथ शराब पीने हेतु राजूरा बेडे पर चलने के लिए कहा और वह उन दोनों को अपने दुपहिया वाहन पर बिठाकर राजूरा बेडे की बजाए छत्री तालाब परिसर में ले गए. जहां पर पहले से आदेश तेलमोरे के 4-5 दोस्त मौजूद थे और उन सभी ने एक साथ मिलकर अमर व्यास की जबरदस्त पिटाई की. जिसके बाद अमर व्यास ने अपनी मां को फोन लगाते हुए पूरा मामला बताया, तो अमर व्यास की मां ने अमर के एक दोस्त को तीन हजार रुपए लेकर छत्री तालाब परिसर भिजवाया. जहां पर उस दोस्त ने आदेश तेलमोरे को पैसे भी दे दिए. इसके बाद आदेश ने गौरव गजभिये व एक अन्य आरोपी युवक को शराब लाने के लिए भेजा. इसी दौरान अमर व्यास ने पैसों का भुगतान हो जाने के चलते खुद को जाने देने की गुजारिश की, तो आदेश तेलमोरे फिलहाल मुद्दल वसूल होने और अभी ब्याज बाकी रहने की बात कहते हुए अमर व्यास को जंगल में ले जाकर एक बार फिर मारना-पिटना शुरु किया. इस समय आदेश के साथ मौजूद अन्य युवकों ने यह कहते हुए आदेश को रोकने का प्रयास किया कि, अब जब तीन हजार रुपए मिल गए है, तो अमर व्यास को छोड देना चाहिए. लेकिन आदेश ने किसी की बात नहीं सुनी, बल्कि जेब से चाकू निकालकर अमर व्यास की जांघों पर सपासप तीन से चार घाव मारे और फिर उसे कुएं की मुंडेर पर बिठाकर अचानक ही कुएं के भीतर धकेल दिया. जिसके बाद सभी आरोपियों ने उसी जगह पर एक साथ बैठते हुए शराब पी और हलका अंधेरा होते ही शाम के वक्त सभी लोग वहां से निकलकर महादेव खोरी परिसर पहुंच गए. इस दौरान आदेश तेलमोरे ने अमर व्यास का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया था. जिसे उसने सुपर हाईवे से गुजर रहे एक वाहन मेन फेंक दिया था. यही वजह थी कि, अमर व्यास के मोबाइल का लोकेशन लगातार बदल रहा था.
* एक कहानी के साथ चल रही थी दूसरी भी कहानी
10 फरवरी को अमर व्यास अपने घर से अचानक लापता हो गया था. जिसकी गुमशुदगी को लेकर 13 फरवरी को फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी. लेकिन हर ओर खोजबीन करने के बावजूद उसका कहीं कोई पता नहीं चल पाया था. बल्कि उसकी लाश अज्ञात शव के तौर पर 1 फरवरी को छत्री तालाब परिसर स्थित कुएं से बरामद हुई थी. जिसकी अवस्था को देखकर प्राथमिक अनुमान लगाया गया था कि, संभवत: अमर व्यास की मौत करीब एक सप्ताह पहले हुई होगी. वहीं दूसरी ओर इसी मामले से समांतर एक दूसरी कहानी भी चल रही थी. क्योंकि 10 फरवरी को अपने हाथों हुए कृत्य को छिपाने के लिए आदेश तेलमोरे और उसके साथियों ने एक नया प्लान बनाया. जिसके तहत तय किया गया कि, वे लोग शहर में किसी अन्य स्थान पर कोई झगडा-फसाद करते हुए पुलिस की पकड में आ जाएंगे, ताकि आगे चलकर यदि अमर व्यास की लाश मिलती भी है, तो पुलिस का संदेह उन लोगों को लेकर न हो. इसी प्लान के तहत आदेश तेलमोरे और उसके साथियों ने 11 फरवरी को नांदगांव पेठ थाना क्षेत्र में नांदगांव पेठ बस स्टैंड के पास रास्ते से गुजर रहे दो दुपहिया सवारों के साथ अपने वाहन को कट लग जाने की वजह को आगे करते हुए जानबुझकर झगडा करना शुरु किया था और इस समय बात बढते ही चाकू मारने की अपनी आदत से मजबूर रहनेवाले आदेश तेलमोरे ने दुपहिया पर सवार गौरव सुधाकर घोटेकार (33, अंजनगांव सुर्जी) व उसके छोटे भाई सौरभ सुधाकर घोटेकार (30) को चाकू मारकर घायल कर दिया था. जिसके चलते गौरव घोटेकार की मौत हो गई थी और सौरभ घोटेकार गंभीर रुप से घायल हुआ था. इस मामले में नांदगांव पेठ पुलिस ने आदेश रघुनाथ तेलमोरे (24), रोहित संजय तायडे (23) व दीप उर्फ यशोदीप विनायक बेलकर (25) को नामजद करते हुए बाकायदा अपनी हिरासत में भी लिया था. जिन्हें पीसीआर की अवधि समाप्त हो जाने के बाद न्यायिक हिरासत के तहत अमरावती सेंट्रल जेल में भेज दिया गया था. लेकिन नांदगांव पेठ पुलिस भी इस बात का जांच के दौरा पता नहीं लगा पाई थी कि, जिन तीन आरोपियों को उसने 11 फरवरी को घटित हत्या व हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया था, वे तीन आरोपी उस घटना से ठीक एक दिन पहले एक और व्यक्ति यानि अमर व्यास की भी हत्या कर चुके थे.
* बिना सबूत व्यास हत्याकांड के जांच की थी चुनौती
इधर दूसरी ओर जब अमर व्यास की संदेहास्पद मृत्यु के मामले की क्राईम ब्रांच के पीआई संदीप चव्हाण ने अपनी टीम के साथ जांच-पडताल करनी शुरु की, तो सबसे बडी दिक्कत यह थी कि, घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ था. जिसके चलते सीसीटीवी फूटेज मिलने का सवाल ही पैदा नहीं होता. साथ ही जब इस मामले में आदेश तेलमोरे का नाम आया, तो क्राईम ब्रांच का दल यह पता चलते ही चकरा गया कि, आदेश तेलमोरे तो अपने दो साथियों के साथ विगत 11-12 फरवरी से पुलिस की गिरफ्त और जेल में है. ऐसे में वह जेल से बाहर आकर अमर व्यास की हत्या कैसे कर सकता है, यह भी अपने-आप में एक बडा सवाल था. क्योंकि, जब 1 मार्च को अमर व्यास का शव मिला था, तब यही अनुमान लगाया गया था कि, शायद उसकी मौत 5-7 दिन पहले हुई होगी. लेकिन जैसे ही अमर व्यास के पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट सामने आई और यह पता चला कि, अमर व्यास की मौत 5-7 दिन पहले नहीं, बल्कि करीब 20-22 दिन पहले हो चुकी थी. तो क्राईम ब्रांच के पीआई संदीप चव्हाण ने तारीख मिलाते हुए नए सिरे से मामले की जांच करनी शुरु की और अमर व्यास सहित आदेश तेलमोरे के मोबाइल नंबरों का कॉल डेटा खंगालना शुरु किया, तो दोनों नंबरों के बीच कोई ‘डायरेक्ट कनेक्शन’ नहीं मिला. लेकिन संजय गायकवाड के मोबाइल के साथ इन दोनों का ‘कॉमन कनेक्शन’ सामने आ गया. जिसके बाद क्राईम ब्रांच के दल ने संजय गायकवाड को उठाकर उससे पूछताछ कि, तो उसने 10 फरवरी को अमर व्यास व दीप उर्फ यशोदीप बेलकर के साथ बस स्टैंड तक जाने की बात बताई और उसके बाद हुई घटना से खुद को अनभिज्ञ बताया. ऐसे में क्राईम ब्रांच के दल ने दीप बेलकर के संपर्कों को खंगाला तथा जय नागोराव कोकाटे (19, महादेव खोरी), गौरव दिलीप गजभिये (25, संजय गांधी नगर), निश्चय सुनील पोटफोडे (21, जीवनछाया कॉलोनी) व संजय विलास वानखडे (23, महादेव खोरी) को शहर में अलग-अलग स्थानों से धर दबोचा. वहीं फिलहाल फरार रहनेवाले तुषार अनिल सुपनेर (25, संजय गांधी नगर) नामक आठवें आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है. वहीं आदेश तेलमोरे, रोहित तायडे व दीप बेलकर नामक तीन मुख्य आरोपी फिलहाल अमरावती सेंट्रल जेल में हत्या के एक अन्य मामले के चलते बंद है. जिन्हें पुलिस द्वारा अपनी हिरासत में लेने का प्रयास किया जा रहा है.
* क्राईम ब्रांच की कार्रवाई रही कौतुकास्पद
कुल मिलाकर अमरावती शहर पुलिस की अपराध शाखा के दल ने बडी होशियारी से काम लेते हुए आरोपियों द्वारा अमल में लाए गए एक सुनियोजित षडयंत्र को उजागर कर दिया तथा एक हत्याकांड के पीछे छिपे दूसरे हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए दोनों हत्याकांडों से जुडी असली वजहों का सफलतापूर्वक पर्दाफाश भी किया. यह कार्रवाई शहर पुलिस आयुक्त राकेश ओला, पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे, श्याम घुगे व रमेश धुमाल एवं सहायक पुलिस आयुक्त कैलाश पुंडकर के मार्गदर्शन तथा अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण के नेतृत्व में एपीआई मनीष वाकोडे व महेश इंगोले, पीएसआई गजानन सोनुने तथा पुलिस कर्मी सुधीर लासूरकर, फिरोज खान, सतीश देशमुख, दीपक सुंदरकर, गजानन ढेवले, मनोज ठोसर, आस्तिक देशमुख, जहीर शेख, सचिन बहाले, मंगेश लोखंडे, प्रशांत मोहोड, विकास गुडधे, अतुल संभे, मिर्झा नईम बेग, नाझीम उद्दीन सैयद, विशाल वाकपांजर, सागर ठाकरे, रंजीत गावंडे, राजीक रायलीवाले, सूरज चव्हाण, निखिल गेडाम, योगेश पवार, संदीप खंडारे प्रभात पोकले, चेतन शर्मा, राहुल दुधे, चेतन गुल्हाणे के पथक द्वारा की गई.

Back to top button