मेलघाट में मेघनाथ यात्रा की धूम

चिखलदरा तहसील के साप्ताहिक बाजार में भरता है मेला

चिखलदरा /दि.6  – मेलघाट के आदिवासियों का सबसे बडे त्यौहार होली निमित्त पांच दिन फगवा की धूम शुरू रहते होली का दहन के बाद दूसरे और तीसरे दिन से मेघनाथ यात्रा शुरू हो गई हैं. चिखलदरा तहसील में जहां साप्ताहिक बाजार भरता हैं, वहां यह यात्रा रहती हैं.
बुधवार को जारीदा में मेघनाथ यात्रा भरी गई. जबकी गुरूवार को काटकुंभ में यह यात्रा थी. इस अवसर पर सैंकडो आदिवासियों ने परंपरा के मुताबिक मेघनाथ यात्रा में पूजा अर्चना कर अपनी मन्नत पूरी की. रावणपुत्र मेघनाथ के नाम से मेलघाट में आज भी पारंपरिक यात्रा भरती हैं. जारीदा और काटकुंभ में परिसर के डोमा, काजलडोह, बामदेही, बगदरी, कनेरी कोयलारी, पांचडोंगरी, खंडूखेडा, चुनखडी खडीमल, माखला, गंगारखेडा, कोटमी, दहेंद्री, पलस्या, बुटीदा, चुर्णी, कोरडा, काली पांढरी आदि 50 से 60 गांव के आदिवासी और गैर आदिवासियों ने यात्रा में अपनी उपस्थिति दी.

* भुमका का पलडा भारी
घर के छोटे से लेकर बडो तक कोई भी बीमार पडा तो गांव के मांत्रिक के पास जाकर पहले उपचार किया जाता हैं. ढोल-ताशे, नगारे, डफली बजाते हुए गदली नृत्य से यात्रा में उत्साह बढाया जाता हैं. इसके लिए बगदरी, काजलडोह, कोटमी, कोयलारी, पलासपानी का दल इसमें शामिल होता हैं.

* खंबे को बांधकर प्रदक्षिणा, सैंकडो श्रीफल फुटे
जिन्होंने मन्नत कबूल की, वह पूर्ण होने के बाद मेघनाथ बाबा के पास बैठे भूमका के पास पूजा अर्चना करते हैं. वहां अपनी हैसीयत के मुताबिक मुर्गा अथवा बकरा दिया कि आडे खंबे को मन्नत कबूल करने बांधा जाता हैं. नीचे दो व्यक्ति उस रस्सी की सहायता से छह प्रदक्षिणा करते हैं. तीन दफा सिधी और विपरित दिशा से प्रदक्षिणा डाली जाती है. मन्नत पूरी कर पूजा की समाप्ती की जाती हैं.

* नेता की उपस्थिति
मेलघाट में होली पर्व के उत्साह निमित्त आदिवासियों के इस परंपरागत उत्सव में शामील होने के लिए सर्वदलीय, संगठना के पदाधिकारियों ने बडी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्शायी थी.

Back to top button