मनुष्यबल उपलब्ध कराने वाले ठेकेदारों पर 2 करोड की रिकवरी

मनपा आयुक्त ने दी कार्रवाई की चेतावनी

अमरावती /दि.24 – महानगरपालिका में मनुष्यबल उपलब्ध करवाने वाली ठेकेदारी संस्थाओं द्वारा कर्मचारियों के वेतन से अतिरिक्त कटौती किये जाने का मामला सामने आया है. इसके चलते इन संस्थाओं पर लगभग 2 करोड रुपए से अधिक की रिकवरी निकलती है.
इस संदर्भ में मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा ने नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी. लेकिन नोटिस जारी हुए करीब 3 सप्ताह बितने के बाद भी संबंधित ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि, इटकॉन ई सोल्यूशन, महात्मा फुले मल्टी सर्विसेस प्रा. लि. और गोविंदा नागरी सहकारी संस्था- इन तीन कंपनियों के माध्यम से महापालिका में अब तक ठेका आधार पर विभिन्न कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी. इनमें अभियंता, कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मचारियों का समावेश था.
ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों के वेतन से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), आयकर या कार्यालयीन खर्च के नाम पर अतिरिक्त कटौती किये जाने की बात प्रशासन के संज्ञान में आयी थी. इसके बाद आयुक्त ने तीनों कंपनियों के प्रतिनिधियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था. नोटिस के अनुसार कंपनियों द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया. साथ ही संबंधित राशि कर्मचारियों के खातों में जमा करने के निर्देश भी दिये गये. इसके अनुसार महात्मा फुले संस्था पर लगभग 31 लाख 71 हजार रुपए, ईटकॉन कंपनी पर लगभग 1 करोड 56 लाख रुपए की रिकवरी निकली है. जबकि गोविंदा संस्था पर भी रिकवरी बकाया है. हालांकि अभी तक इन संस्थाओं ने कर्मचारियों के खातों में राशि जमा नहीं की है और आयुक्त द्वारा भी कोई. कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे संदेह की स्थिति उत्पन्न हुई है.

* संबंधित विभागों से समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा


कुछ ठेकेदारी संस्थाओं के अनुबंध की अवधि समाप्त हो चुकी है. ेलेकिन यदि उन्होंने संबंधित राशि जमा नहीं की है तो उनके लंबित देयकों से यह राशि वसुल की जाएगी. इस संबंध में संबंधित विभागों से समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा.
– सौम्या शर्मा,
आयुक्त, मनपा, अमरावती.

* भविष्य निधि को लेकर भी शिकायत
मनुष्यबल के साथ-साथ स्वच्छता से जुडी पुरानी कंपनियों द्वारा भविष्य निधि (पीएफ) और ईएसआईसी की राशि जमा नहीं किये जाने की शिकायत युवक कांग्रेस के समीर जवंजाल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय मेें की थी. सांसद बलवंत वानखडे ने भी इस मुद्दे का फालोअप लिया. उसके बाद महापालिका के सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित सभी विभाग प्रमुखों से रिपोर्ट मांगी है.

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