रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
अमरावती के 28 प्रकल्पों को महारेरा की मान्यता

* विदर्भ के 563 प्रकल्प मंजूर
* अकोला 18, वर्धा 18, यवतमाल 5, बुलढाणा 4, वाशिम 1 प्रकल्प का समावेश
नागपुर /दि.20- महारेरा ने राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर को गति देने के लिए 2025-26 वित्तीय वर्ष में 10,379 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को विभिन्न प्रकार की मंजूरियां दी हैं. इसमें 4,204 परियोजनाओं को नए रजिस्ट्रेशन नंबर, 2,488 परियोजनाओं में सुधार और 3,687 परियोजनाओं को समयावधि विस्तार की स्वीकृति दी गई है.यह पहल घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा, पारदर्शिता बढ़ाने और प्रोजेक्ट्स के प्रभावी नियमन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अमरावती के 28 प्रकल्पों को महारेरा का मान्यता रहने की जानकारी दी गई. उसी प्रकार संभाग के अकोला के 18, यवतमाल के 5, बुलढाणा के 4 और वाशिम की 1 परियोजना महारेरा में पंजीकृत होने की जानकारी अधिकृत सूत्रों ने दी है. वर्धा के भी 18 प्रकल्प महारेरा अंतर्गत पंजीकृत किये गये हैं.
* पुणे सबसे आगे
जिलेवार आंकड़ों में पुणे 3,150 परियोजनाओं के साथ पहले स्थान पर है. इसके बाद ठाणे (1,714), मुंबई उपनगर (1,696), रायगड (939) और पालघर (568) का स्थान है.क्षेत्रीय स्तर पर मुंबई महानगर क्षेत्र 5,494 प्रोजेक्ट्स के साथ शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि पुणे क्षेत्र में 3,566 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है.
* अन्य क्षेत्रों का हालविदर्भ
563 प्रोजेक्ट्स (जिसमें नागपुर के 474 प्रमुख) खानदेश : 520 प्रोजेक्ट्स (नाशिक के 454) मराठवाड़ा : 203 प्रोजेक्ट्स (संभाजीनगर के 155).
* मंजूरी की प्रक्रिया क्यों जरूरी?
महारेरा के अनुसार, किसी भी हाउसिंग प्रोजेक्ट में बदलाव, सुधार या देरी होने पर डेवलपर्स को संशोधन और समयवृद्धि की अनुमति लेना अनिवार्य होता है. ऐसा नहीं करने पर प्रोजेक्ट ‘लैप्स’ हो सकता है, जिससे खरीदारों और निवेशकों को नुकसान होता है.
* पारदर्शिता और उपभोक्ता हित पर जोर
महारेरा कानूनी, तकनीकी और वित्तीय मानकों की सख्त जांच के बाद ही प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देता है. यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने और घर खरीदारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने से राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश और विकास को नई गति मिलेगी.





