बच्चू की राह में भाजपा डाल सकती है अडंगा

पूर्व मंत्री कडू को विधान परिषद में भेजने पर सियासी घमासान

* शिंदे भेजना चाहते है बच्चू कडू को विधान परिषद में
* अब सभी की निगाहें भाजपा की रणनीति पर टिकी
अमरावती/दि.21 – इन दिनों महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ देखने को मिल रहा है. प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता बच्चू कडू को विधान परिषद (एमएलसी) में भेजने की चर्चा के बीच सत्तारूढ़ गठबंधन में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है. शिंदे गुट वाली शिवसेना के नेता एवं राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा कथित तौर पर दिए गए प्रस्ताव के बाद अब भारतीय जनता पार्टी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने हाल ही में मुंबई में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. इस बैठक के बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि उन्हें शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से विधान परिषद भेजा जा सकता है. हालांकि, कडू ने इस मुद्दे पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और अपने समर्थकों से चर्चा के बाद ही आगे का रुख स्पष्ट करने की बात कही है.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा इस प्रस्ताव से पूरी तरह सहज नहीं है. पिछले कुछ समय में भाजपा नेताओं द्वारा बच्चू कडू पर आरोप लगाए जाने और पुराने विवादों को उछाले जाने को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. इससे संकेत मिलते हैं कि भाजपा इस नियुक्ति को लेकर सतर्क रुख अपना रही है.
बता दें कि, पूर्व मंत्री बच्चू कडू अपनी आक्रामक और आंदोलनकारी राजनीति के लिए जाने जाते हैं. अचलपुर क्षेत्र से चार बार विधायक रह चुके कडू ने किसानों, दिव्यांगों और आदिवासी मुद्दों पर कई बड़े आंदोलन किए हैं. हाल ही में मेलघाट क्षेत्र में उनकी किसान संघर्ष पदयात्रा भी चर्चा में रही थी.
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, शिवसेना (शिंदे गुट) विदर्भ क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बच्चू कडू जैसे प्रभावशाली नेता को साथ लाना चाहता है. हालांकि, कडू की अपनी पार्टी होने के कारण वे सीधे किसी दल में शामिल होने से फिलहाल बचते नजर आ रहे हैं. अब यह देखना अहम होगा कि बच्चू कडू इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं या अपनी स्वतंत्र राजनीतिक राह पर चलते हैं. उनके निर्णय से न केवल अमरावती बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति पर असर पड़ सकता है.

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