टैक्सी-रिक्शा चालकों पर मराठी अनिवार्यता को लेकर राजनीति गरम

मनसे मराठी के स्टिकर्स लगाएगी, तो सरकार देगी प्रशिक्षण

मुंबई /दि.23- महाराष्ट्र में इस समय रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर जोरदार चर्चा हो रही है और सरकार के इस निर्णय के विरोध में अमराठी वाहन चालकों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है. राज्य के रिक्शा, टैक्सी, ओला, उबर, ई-बाइक टैक्सी जैसे व्यावसायिक अमराठी वाहन चालकों के लिए यात्रियों से मराठी में संवाद करना अनिवार्य है, ऐसा परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को एक बार फिर स्पष्ट किया.
हालांकि, महाराष्ट्र में रहकर रोजी-रोटी कमाने वाले अमराठी रिक्शा चालक-मालिकों ने मराठी बोलने का विरोध करते हुए 4 मई से रोज प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है. व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए यात्रियों से मराठी भाषा में संवाद अनिवार्य करने का निर्णय राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में ही लिया था, लेकिन उसकी प्रभावी अमलवारी नहीं हो रही थी, ऐसी कई शिकायतें थीं.
इस पर उपाय के रूप में राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं और 1 मई यानी महाराष्ट्र दिवस से इस नियम को सख्ती से लागू करने का निर्धार परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने व्यक्त किया है. महाराष्ट्र में रहकर आजीविका चलाने वाले अमराठी वाहन चालकों में मराठी भाषा के प्रति आत्मीयता निर्माण करने के लिए उन्हें मराठी भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा. मुंबई मराठी साहित्य संघ की अध्यक्ष उज्ज्वला मेहेंदले सहित वरिष्ठ साहित्यकार प्रदीप ढवण, महेश केलुसकर, संतोष राणे, अशोक बागवे, बाल कांदलकर, सुनील तांबे, शिवाजी गावडे, सतीश सोलांकुरकर, अरुण म्हात्रे, एकनाथ आव्हाड, प्रसाद कुलकर्णी, प्राचार्य अशोक चिटणीस, वरिष्ठ साहित्यिका अनुपमा उजगरे, दीपा ठाणेकर और मनीषा राजपूत के मार्गदर्शन से इस अभियान को मजबूती मिलने की अपेक्षा है.
* मनसे की आक्रामक भूमिका
मराठी अनिवार्यता का अमराठी चालकों द्वारा विरोध किए जाने के बाद राज ठाकरे की मनसे ने आक्रामक रुख अपनाया है. मैं मराठी बोलता हूं और मुझे मराठी समझ में आती है, आप मेरी रिक्शा में बैठ सकते हैं ऐसे स्टिकर्स मनसे की ओर से टैक्सी और रिक्शाओं पर लगाए जाएंगे. मराठी नहीं आती और बोलेंगे भी नहीं, ऐसा रुख अपनाने वालों को मनसे सबक सिखाएगी, ऐसा पार्टी के प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने स्पष्ट किया है.
टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने का निर्णय रद्द किया जाए-इस मांग को लेकर रिक्शा-टैक्सी चालकों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन मंगलवार, 28 अप्रैल को परिवहन मंत्री को दिया जाएगा. इस मांग के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, ऐसा ऑटो रिक्शा चालक-मालिक संगठन संयुक्त कार्रवाई समिति के अध्यक्ष शशांक राव ने कहा है.

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