स्मार्ट सिटी का अस्तित्व खत्म
संपत्ति हस्तांतरण की रिपोर्ट 30 अप्रैल तक सौंपने का आदेश

नागपुर/दि.24- राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने बुधवार की देर शाम अधिसूचना जारी कर स्मार्ट सिटी के अस्तित्व को समाप्त कर दिया. अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार से विशेष प्रयोजन अभियान (एसपीवी) को भंग करने के निर्णय से अब नागपुर स्मार्ट सिटी में कार्यरत 20 अधिकारी और कर्मचारियों का अस्तित्व संकट में आ गया हैं. अधिसूचना में राज्य की 8 स्मार्ट सिटी के कार्यकारी मंडल के अध्यक्ष की जिम्मेदारी मनपा आयुक्त को और स्मार्ट सिटी के सीईओ की जिम्मेदारी मनपा के अतिरिक्त आयुक्त को सौंप दी गई हैं.
अधिसूचना में 27 मार्च 2025 के दिशानिर्देश के तहत प्रोजेक्ट और संपत्तियों को मनपा को हस्तांतरण करने की तत्काल कार्यवाही करने स्मार्ट सिटी के ठेका पध्दति कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर मनपा अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने, प्रोजेक्ट और संपत्ति हस्तांतरण के बाद स्मार्ट सिटी मिशन के तहत गठित कंपनी का कंपनी नियमों के तहत बंद करने की कार्यवाही भी सीईओ को करने का निर्देश दिया गया है. इस दिशा-निर्देश की रिपोर्ट 30 अप्रैल तक राज्य सरकार को सौंपने का भी आदेश दिया गया हैं.
स्मार्ट सिटी प्रबंधन से पिछले साल केलट्रान कंपनी से शहर के 3600 सीसीटीवी कैमरों की दुरूस्ती को लेकर पांच सालों का अनुबंध किया गया हैं. इस अनुबंध को पूरा करने, डीएलपी अवधि को पूरा करने के लिए तकनीकी और कानूनी तौर पर स्मार्ट सिटी का अस्तित्व आवश्यक हैं. इसके अलावा एबीडी क्षेत्र में करीब 4 सडकों और 1 पुल का निर्माणकार्य ओर पूर्व नागपुर में ईट भट्टी क्षेत्र के पुननिर्माण का प्रोजेक्ट भी अधर में हैं. करीब 186 प्रकल्प प्रभावित नागरिकों के लिए नागपुर सुधार ट्रस्ट से अब तक 16 एकड जमीन हस्तांतरित नहीं हुई हैं.
साल 2016 में केंंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नागपुर स्मार्ट एंड सस्टेनेबल सिटी डेवलपमेंट कॉपोर्र्रेशन लिमिटेड (एनएसएससीडीसीएल) ने काम आरंभ किया था. राज्य सरकार और शहरी स्थानीय निकाय के बीच 50-50 फीसदी की भागीदारी के रूप में काम कर रहा था. पिछले साल जून में स्मार्ट सिटी की अवधि समाप्त होने पर शक्तियों, संपत्तियों और प्रोजेक्ट को मनपा को हस्तांतरण करने का आदेश दिया गया था. नई अधिसूचना से स्मार्ट सिटी के 20 अनुबंध पर कार्यरत अधिकारियों पर संकट आ गया हैं. इसमें पर्यावरण योजना, लेखा एवं वित्त, सूचना प्रौद्योगिकी, गतिशिलता एवं अवसंरचना और जनसंपर्क विभाग समेत 6 प्रमुख विभागों में कार्यस्त कर्मचारियों का समावेश हैं.
स्मार्ट सिटी से आरंभ 46 प्रोजेक्ट में से अब तक 43 पूरे हो चुके हैं, इनमें पूर्व नागपुर में सडक रिहायशी इलाके, फीडर पाईपलाईन और स्कूलों का डिजिटाइजेशन शहर में 3600 सीसीटीवी कैमरों का एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर निगरानी प्रणाली 3 स्थानों पर बहुस्तरीय पार्किंग, ई-शौचायल का समावेश हैं. स्मार्ट सिटी से अब तक पूर्व नागपुर समेत शहर में 985 करोड रुपए के कामों को पूरा किया गया हैं. इसमें 20 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, भांडेवाडी लैंडफिल में बायोमायनिंग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और जलापूर्ति नेटवर्क की जीपीएस मैपिंग के साथ ही रीबोटिक मेनहोल सफाई प्रोजेक्ट शामिल हैं.





