ज्यादा बिजली खपत वाले उपकरण दिन में चलाएं, रात की बिजली महंगी

महावितरण ने नागरिकों के नाम जारी की अपील

अमरावती/दि.25– महावितरण ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का उपयोग दिन के समय करें, क्योंकि दिन में बिजली अपेक्षाकृत सस्ती है, जबकि रात की बिजली महंगी पड़ती है. महावितरण के मुख्य अभियंता अशोक सालुंके ने कहा कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के कारण दिन में बड़ी मात्रा में सस्ती बिजली उपलब्ध हो रही है, लेकिन रात के समय महावितरण को पारंपरिक कोयला आधारित बिजली पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसकी खरीद लागत अधिक है. उन्होंने बताया कि पारंपरिक बिजली औसतन 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाती है, जिसका सीधा आर्थिक भार अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ता है. ऐसे में उपभोक्ताओं को एसी, वॉशिंग मशीन, मोटर, पंप और अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का उपयोग दिन में करना चाहिए.
दी गई जानकारी के मुताबिक अमरावती परिमंडल में करीब 2.50 लाख कृषि उपभोक्ता हैं. मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना के तहत बड़े पैमाने पर सौर परियोजनाएं स्थापित होने से इनमें से लगभग 1.50 लाख कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है. वहीं अन्य श्रेणी के लगभग 12 लाख उपभोक्ताओं में से करीब 3 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सौर प्रकल्प स्थापित किए हैं और एसी जैसे उपकरणों का उपयोग बढ़ाया है. महावितरण ने कहा कि ऐसे उपभोक्ताओं को भी दिन और रात की बिजली लागत का अंतर समझते हुए अधिकतम बिजली उपयोग दिन में ही करना चाहिए.
महावितरण के अनुसार, जुलाई 2025 से दिन में उपयोग की जाने वाली बिजली पर प्रति यूनिट 80 पैसे की छूट दी जा रही थी, जिसे अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 85 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया है. हालांकि इस रियायत का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को स्मार्ट टीओडी (टाइम ऑफ डे) मीटर लगवाना अनिवार्य होगा. महावितरण ने चेतावनी दी है कि अमरावती परिमंडल के 142 फीडर मिश्रित स्वरूप के हैं, जिनसे गांवों और कृषि उपभोक्ताओं दोनों को बिजली आपूर्ति होती है. इन मिश्रित फीडरों पर किसानों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहती है, लेकिन बढ़ते तापमान और रात में बिजली की बढ़ती मांग के कारण इन फीडरों पर अतिरिक्त भार बढ़ सकता है.
महावितरण ने कहा कि यदि किसानों ने रात में अधिक बिजली उपयोग जारी रखा तो ओवरलोड की स्थिति में पूरा फीडर बंद हो सकता है और संबंधित क्षेत्र अंधेरे में डूब सकता है. इसलिए किसानों और अन्य उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अधिकतम बिजली उपयोग दिन में ही करें, ताकि बिजली व्यवस्था सुचारु बनी रहे और अतिरिक्त आर्थिक भार से भी बचा जा सके. यह जानकारी महावितरण के जनसंपर्क अधिकारी फुलसिंग राठोड द्वारा दी गई है.

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