लंबित मांगों को लेकर कृषि निविष्ठा विक्रेता आक्रामक

27 अप्रैल से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान

* सांसद बलवंत वानखडे को सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.27- अमरावती जिले के अंजनगांव सुर्जी में कृषि निविष्ठा (खाद, बीज, कीटनाशक) विक्रेताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 27 अप्रैल से पूरे महाराष्ट्र में कृषि सामग्री की बिक्री अनिश्चितकाल के लिए बंद रखी जाएगी.
बताया गया है कि राज्यभर के कृषि निविष्ठा विक्रेता पिछले कई दिनों से अपने व्यवसाय से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर कृषि विभाग से लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन बार-बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. सरकार और विभाग की इस उदासीनता से विक्रेताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है. इसी संदर्भ में अंजनगांव सुर्जी के कृषि साहित्य विक्रेता संघ की ओर से अमरावती लोकसभा क्षेत्र के सांसद बलवंत वानखडे को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया. इस ज्ञापन में केंद्र और राज्य सरकार तक उनकी मांगों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की अपील की गई.
इस मौके पर अंजनगांव सुर्जी तहसील कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद दालू और शहर अध्यक्ष प्रदीप देशमुख सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे. विक्रेताओं ने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में कृषि निविष्ठा व्यवसाय में कई जटिल नियम और तकनीकी खामियों के कारण ईमानदार विक्रेताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कृषि विभाग की धीमी कार्यप्रणाली के कारण व्यापार करना मुश्किल होता जा रहा है. विक्रेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 27 अप्रैल से पहले सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. ज्ञापन सौंपते समय जगदीश सारडा, पंकज मोदी, राजू जोहरापुरकर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी मौजूद थे. गौरतलब है कि खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच इस आंदोलन के चलते खाद, बीज और कीटनाशकों की आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है. ऐसे में सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग जोर पकड़ रही है.

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