महिलाओं के लिए लागू किया जाए 33 फीसद आरक्षण
महिला शहर कांग्रेस ने मनपा आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.28 – नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग को लेकर अमरावती शहर महिला कांग्रेस कमेटी ने महानगरपालिका आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। महिला कांग्रेस ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण और न्याय के लिए यह मांग उठाते हुए केंद्र सरकार पर तत्काल दबाव बनाने की मांग की। महिला कांग्रेस की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि सितंबर 2023 में संसद से सर्वसम्मति से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (106वां संविधान संशोधन) महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार जनगणना और परिसीमन के नाम पर इस कानून के क्रियान्वयन को लगातार टाल रही है, जिससे महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक न्याय और सम्मान मिलने में देरी हो रही है।
कांग्रेस की महिला शहराध्यक्ष जयश्री वानखडे के नेतृत्वतले सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि महिलाओं को आरक्षण देने के नाम पर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक अमल से बचा जा रहा है। इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय और उन्हें भ्रमित करने का प्रयास बताया गया। महिला कांग्रेस ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने संसद में इस मुद्दे पर मजबूती से अपनी बात रखी है और बिना किसी शर्त के इस कानून को तत्काल लागू करने की मांग की है। महिला कांग्रेस ने अपनी प्रमुख मांगों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को बिना किसी शर्त तत्काल लागू करने, जनगणना और परिसीमन के नाम पर महिलाओं के अधिकारों को टालना बंद करने तथा महिलाओं को वास्तविक सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की मांग की है।
इन मांगों को लेकर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अमरावती महानगरपालिका कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं को न्याय मिलना ही चाहिए और आरक्षण की अंमलबजावणी तुरंत करो जैसे नारों के साथ केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। इस समय महिला कांग्रेस अध्यक्ष जयश्री वानखड़े ने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को और अधिक समय तक टालना लोकतांत्रिक न्याय के खिलाफ है। उन्होंने यह भी मांग की कि आमसभा के दिन भारतीय जनता पार्टी की महिला नगरसेवकों ने महानगरपालिका में जो व्यवहार किया, उसके लिए जनता से माफी मांगी जाए। साथ ही महिला कांग्रेस ने मनपा प्रशासन से मांग की कि ज्ञापन पर गंभीरता से विचार कर इसे संबंधित विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाए तथा महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएं।
इस समय कांग्रेस की महिला शहराध्यक्ष जयश्री वानखडे सहित पार्षद डॉ. अर्चना आत्राम व सुनीता भेले तथा अनिता काले, वंदना निरगुले, आरती पिंपले, मालती मोहोड, नेहा बागडे, माया मानेकर, किरण चांदवडकर, मालता गवई, मीना खंडारे, शाहीन शेख, ज्योति आत्राम, रेखा आत्राम, रंजना कोकाटे व सरला धुर्वे सहित अनेकों महिला कांग्रेस पदाधिकारी व सदस्याओं की उपस्थिति रही.





