यवतमाल जिला मध्यवर्ती बैंक को झटका
उपभोक्ता आयोग की अवमानना

* नोटिस के बाद भी नहीं हुआ पेश
यवतमाल /दि.1– किसानों के हितों की अनदेखी यवतमाल डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल बैंक को भारी पड़ गई. जिला उपभोक्ता आयोग ने बैंक को फटकार लगाते हुए उसके खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाया. खास बात यह रही कि नोटिस भेजे जाने के बावजूद बैंक का कोई प्रतिनिधि सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुआ, जिसे आयोग ने गंभीर लापरवाही और अवमानना माना. यह मामला पुसद तहसील के होरकाड निवासी किसान किरण कुमार माधवराव मस्के द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है. किसान ने आरोप लगाया कि बैंक की गलती के कारण उसे फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाया.
जानकारी के अनुसार, मस्के ने वर्ष 2018 के खरीफ सीजन के लिए 2520 रुपये प्रीमियम देकर फसल बीमा कराया था. बैंक ने बीमा प्रक्रिया पूरी करते समय आवेदन में गलत जानकारी भर दी. उनके खेत का सही रेवेन्यू सर्कल खंडाला होने के बजाय वरुड दर्ज कर दिया गया.
खंडाला सर्कल के अनुसार किसान को 5,562 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से कुल 16,686 रुपये का बीमा लाभ मिलना था, लेकिन गलत जानकारी के कारण यह राशि नहीं मिल सकी. बैंक से संतोषजनक जवाब न मिलने पर किसान ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई. मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र उल्हास मराठे और सदस्य अनिल तोषनीवाल की उपस्थिति में हुई. सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी का प्रतिनिधि उपस्थित रहा, लेकिन बैंक की ओर से कोई नहीं आया. इसके चलते आयोग ने एकतरफा निर्णय सुनाते हुए बैंक को किसान के नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया.
* आयोग का आदेश
आयोग ने बैंक को निर्देश दिया कि वह किसान को फसल बीमा की राशि 16,686 रुपये, मानसिक व शारीरिक पीड़ा के लिए 3,000 रुपये और शिकायत खर्च के रूप में 2,000 रुपये अदा करे. इस फैसले से साफ है कि किसानों के मामलों में लापरवाही बरतने वाले संस्थानों पर अब सख्ती की जा रही है.





