‘आधार’ में पुण्यानुमोदना के जरिए इंसानियत की मिसाल
एक हाथ सहायता का

* भारतीय जैन संगठन के अध्यक्ष सुदर्शन गांग की बहनों ने जरुरतमंदों को कराया भोजन
अमरावती/दि.1- ‘आधार’ शहरी बेघर निवारा केंद्र में आज सुबह इंसानियत का एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला. स्व. श्रीमती सीताबाई संचेती, पबुदाणजी संचेती, स्व. राजेश संचेती और स्व. महावीर संचेती की पुण्यतिथि के अवसर पर यहां ‘पुण्यानुमोदना’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. भारतीय जैन संगठन के अध्यक्ष सुदर्शन गांग के मार्गदर्शन में उनकी बहनों ने इस पावन अवसर पर ‘आधार’ केंद्र में रहने वाले सभी जरूरतमंदों को एक समय का भोजन कराया. संचेती परिवार ने अन्नदान के माध्यम से अपने प्रियजनों की स्मृति को जीवित रखते हुए सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया.
कार्यक्रम में जवाहर गांग, नितेश जैन, साधना ओसवाल, सुनीता जांगड़ा और संचेती परिवार के सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. खास बात यह रही कि सभी अतिथियों ने स्वयं पंगत में बैठकर बुजुर्गों और जरूरतमंदों को अपने हाथों से भोजन परोसा. सरल सी व्यवस्था वाले इस केंद्र में उस दिन स्नेह और अपनत्व का माहौल देखने को मिला. बंक बेड और लॉकर वाली साधारण जगह में प्रेम से परोसा गया भोजन, वहां मौजूद बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी.
जो लोग सड़क से यहां पहुंचे हैं और जिनका कोई अपना नहीं है, उनके लिए आज संचेती और गांग परिवार एक परिवार बनकर सामने आया. जैन दर्शन के भवतु सब्ब मंगलम् के संदेश को साकार करते हुए यह पहल ‘आधार’ केंद्र के लिए एक यादगार और मंगलमय पल बन गई. यह केंद्र पब्लिक एज्युकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित है. संस्था के संचालक राजीव बसवनाथे और व्यवस्थापिका ज्योती राठोड ने सभी दानदाताओं और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया. स्व. संचेती परिवार को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, समाज के लिए यह एक हाथ मदद का सचमुच प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया.





