क्या वाकई ‘उस’ तरबूज में था जहर?
एफडीए की रिपोर्ट से सामने आई अहम जानकारी

* मुंबई में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के चार लोगों की हुई थी मौत
मुंबई/दि.2- दक्षिण मुंबई के पायधुनी इलाके में पिछले हफ्ते एक परिवार की संदिग्ध मौत हुई थी. इस परिवार में माता-पिता और दो छोटी बेटियों ने 25 अप्रैल की रात लगभग डेढ़ बजे तरबूज खाया था. इसके बाद सुबह से ही उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी. इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई थी. उस समय कई लोगों ने आशंका जताई थी कि यह फूड पॉयजनिंग (खाद्य विषबाधा) का मामला हो सकता है. इसके बाद पुलिस ने डोकाडिया परिवार के घर से बचा हुआ तरबूज जब्त किया था और उसके नमूने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को जांच के लिए भेजे गए थे. अब उसकी रिपोर्ट सामने आ गई है.
एफडीए की रिपोर्ट के अनुसार, डोकाडिया परिवार के घर में मिले तरबूज में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं पाई गई है. एफडीए अधिकारियों ने घर से कुल 11 नमूने जब्त कर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे थे. इनमें बिरयानी, तरबूज, मटके और फ्रिज का पानी, कच्चा और पका हुआ चावल, कच्चा और पका हुआ चिकन, खजूर और मसाले शामिल थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि तरबूज में रंग, मिठास या उसका आकार बढ़ाने के लिए किसी भी प्रकार के कृत्रिम रंग या रसायन का इस्तेमाल नहीं किया गया था. इसलिए अब तरबूज में मिलावट से मौत की संभावना खत्म हो गई है. अन्य खाद्य नमूनों में भी फिलहाल कोई मिलावट नहीं पाई गई है. अब सभी की नजरें मृतकों की फॉरेंसिक रिपोर्ट और बैक्टीरियल जांच पर टिकी हैं. तरबूज में मिलावट न मिलने के कारण इस परिवार की मौत का रहस्य और भी गहरा हो गया है.
* फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी
डोकाडिया परिवार के माता-पिता और दो बच्चियों के शवों की फॉरेंसिक जांच की गई. प्राथमिक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि मृतकों के मस्तिष्क, हृदय और आंतें हरे रंग की हो गई थीं. विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति सामान्य फूड पॉयजनिंग से अलग है. डॉक्टरों का मानना है कि जब एक साथ शरीर के कई अंगों में ऐसे बदलाव दिखाई देते हैं, तो यह संकेत होता है कि पूरे शरीर में विष फैल चुका है.





