पंढरपुर कारिडोर को मिली मंजूरी
4 हजार करोड का प्रारूप तैयार, भूसंपादन की बात भी तय

* सीएम फडणवीस की अध्यक्षतावाली शिखर समिति ने दी मान्यता
मुंबई/ दि.4- पंढरपुर कारिडोर एवं विकास प्रारूप को लेकर आज मुंबई में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता के तहत केबिनेट शिखर समिति की बैठक हुई. जिसमें करीब 4 हजार करोड रूपए के विकास कार्यो को मंजूरी देते हुए भूसंपादन की प्रक्रिया को मान्यता दी गई. इस बैठक में उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, वनमंत्री गणेश नाइक, सोलापुर के जिला पालकमंत्री जयकुमार गोरे व विधायक समाधान आवताडे सहित राजस्व एवं जलसंपदा विभाग के सचिव तथा जिलाधीश व अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
जानकारी के मुताबिक बैठक में 1 अगस्त तक भूसंपादन सहित अन्य प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गये. विशेष उल्लेखनीय है कि सीएम देवेन्द्र फडणवीस के सोलापुर दौरे के समय ही पंढरपुर विकास प्रारूप व कारिडोर के संदर्भ में भूमिका स्पष्ट की गई. जिसे अब मंजूरी दी गई है. इसके लिए 4 हजार करोड का विस्तृत प्रारूप तैयार किया गया है. जिसे पीएम फडणवीस की अध्यक्षतावाली शिखर समिति द्बारा मंजूरी दिए जाने के चलते आज पंढरपुर में प्रत्यक्ष काम की शुरूआत होने का रास्ता खुल गया. पंढरपुर शहर के विकास और मंदिर परिसर के विस्तार के लिहाज से इस प्रारूप को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बता दें कि भगवान श्री विठ्ठल- माता रूक्मिणी का प्रमुख तीर्थस्थल रहने के चलते पंढरपुर में प्रतिवर्ष लाखों भाविक श्रध्दालु दर्शन हेतु आते हैं तथा आषाढी व कार्तिकी एकादशी सहित विविध पर्वो एवं त्यौहारों में भाविकों की संख्या अच्छी खासी रहती है. विगत आषाढी एकादशी के समय ही करीब 28 लाख भाविक श्रध्दालु पंढरपुर पहुंचे थे. जिसे ध्यान में रखते हुए भविष्य में भीडभाड को सुचारू ढंग से संभालने एवं किसी भी दुर्घटना को टालने के लिए यह कारिडोर प्रकल्प बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा. इस प्रकल्प के जरिए मंदिर परिसर में सुसज्जित मार्ग, सुविधा व नियोजनबध्द व्यवस्था उपलब्ध कराई जायेगी. भाविकों को भगवान श्री विठ्ठल रूक्मिणी का सहज व सुरक्षित दर्शन उपलब्ध हो तथा भीड का व्यवस्थापन प्रभावी ढंग से किया जा सके. इस हेतु इस प्रारूप को तैयार किया गया है. जिससे पंढरपुर शहर का सर्वांगीण विकास साधा जा सकेगा. यही वजह है कि इस प्रकल्प को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि शुरूआती दौर में इस प्रकल्प का स्थानीय व्यापारियों द्बारा विरोध किया जा रहा था. क्योंकि व्यापारियों को यह डर सता रहा था कि इस कारीडोर की वजह से उनकी दुकानें स्थानांतरित हो जायेंगी. लेकिन पीएम फडणवीस ने अपने सोलापुर दौरे में व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए बताया था कि इस प्रकल्प के चलते उनके व्यवसाय में कई गुना वृध्दि हो जायेगी. जिसके बाद प्रशासन ने भी व्यापारियों से संवाद साधते हुए उन्हें समझाने का प्रयास किया और अब मंंत्रिमंडल की शिखर बैठक में इस प्रकल्प को मंजूरी मिल जाने के चलते अगली प्रक्रिया को गति मिलेगी. शिखर समिति की बैठक में भूसंपादन एवं अन्य प्रशासकीय कामों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया है. पंढरपुर के विकास हेतु यह प्रकल्प बेहद महत्वपूर्ण साबित होनेवाला है. जिसके चलते भाविकों को और भी अधिक बेहतर सुविधाएं मिलेगी.





