पश्चिम बंगाल की जीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की क्या रणनीति थी?
मोहन भागवत ने भी मिथुन चक्रवर्ती से मुलाकात की थी

नागपुर/दि.4 – पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए फिलहाल मतगणना जारी है. पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक सफलता की ओर बढ़त जारी है. भाजपा 193 और तृणमूल कांग्रेस 94 सीटों पर आगे चल रही है. पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है. ऐसे में भाजपा की इस जीत के कारणों की तलाश की जा रही है.
पश्चिम बंगाल की चुनाव प्रक्रिया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका एक बार फिर चर्चा में है. पारंपरिक रूप से सीधे राजनीति से दूर रहने वाला संघ इस बार पर्दे के पीछे से बड़े पैमाने पर सक्रिय रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, संघ ने राज्य के लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया. लगभग 1.75 लाख से अधिक मतदान जागरूकता बैठकों के जरिए मतदाताओं से सीधा संवाद किया गया.
* सूक्ष्म स्तर पर संपर्क
संघ की रणनीति बड़ी रैलियों की बजाय सूक्ष्म स्तर के संपर्क पर आधारित थी. स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संवाद किया और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचने का प्रयास किया. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस अभियान में हिंदू वोटों के एकीकरण का मुख्य मुद्दा था. संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों ने स्थानीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई और यह संदेश दिया कि चुनाव केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों से भी जुड़ा है. इसके अलावा, संघ के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता जैसे जिष्णु बसु ने संगठनात्मक स्तर पर मजबूत नेटवर्क बनाने पर जोर दिया. पंचायत से लेकर शहरी क्षेत्रों तक संगठन के विस्तार ने मतदाताओं तक पहुंच को अधिक प्रभावी बनाया. संघ की भूमिका को कुछ नेताओं ने सीमित लेकिन महत्वपूर्ण बताया है. चुनावी सफलता कई कारकों पर निर्भर करती है और संघ उनमें से एक कारक है, ऐसा भी कहा गया है.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने पांच साल पहले वरिष्ठ अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से मुलाकात की थी. बंगाल चुनाव से पहले यह मुलाकात हुई थी. हालांकि उस समय भाजपा को बंगाल में ज्यादा सफलता नहीं मिली थी. मिथुन चक्रवर्ती ने भी इस बार भाजपा के लिए प्रचार किया था. लेकिन संघ के लगातार प्रयासों और जनसंपर्क की वजह से आखिरकार भाजपा को सफलता मिली, यह निश्चित है.





