जनगणना के फर्जी आवेदनों में न भरे जानकारी
राज्य सरकार ने जनता से किया आवाहन

* सोशल मीडिया पर घूम रही लिंक से सतर्क रहने की सलाह
मुंबई/ दि.4- देश में नियोजन विकास और कल्याणकारी योजनाओं हेतु बेहद महत्वपूर्ण रहनेवाली जनगणना प्रक्रिया इस समय शुरू हो चुकी है. परंतु इस जनगणना की आड लेते हुए सोशल मीडिया पर कुछ फर्जी ऑनलाइन आवेदन और लिंक तैर रहे हैं. जिनके जरिए नागरिकों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा रही है. जिसका दुरूपयोग भी किया जा सकता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नागरिकों से जनगणना के नाम पर हो रहे फर्जीवाडे से सावधान व सतर्क रहने का आवाहन किया है. साथ ही कहा गया है कि सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई वेबसाइड के अलावा अन्य किसी भी लिंक पर नागरिकों द्बारा अपनी कोई जानकारी उपलब्ध न कराई जाए.
बता दें कि देश के विकास का प्रारूप तय करनेवाली जनगणना 2027 की प्रत्यक्ष शुरूआत हो चुकी है. जिसमें पहलीबार नागरिकों को स्व जनगणना की डिजिटल सुविधा के जरिए अपनी जानकारी खुद ही उपलब्ध कराया गया है. इस उपक्रम के चलते जनगणना प्रक्रिया ज्यादा सटिक पारदर्शक व तंत्रज्ञान आधारित होने का विश्वास सरकार एवं प्रशासन द्बारा व्यक्त किया गया है. परंतु इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बोगस आवेदन का मामला वायरल हुआ. जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने नागरिकों से आवाहन किया कि ऐसे फर्जी आवेदनोें और लिंक से दूर रहा जाए तथा सरकार द्बारा निश्चित किए गये वेबसाइट व अॅप के जरिए ही अपनी जानकारी भरी जाए.
ज्ञात रहे कि सरकार ने स्वगणना करने हेतु 1 से 15 मई की कालावधि तय की है. इस कालावधि के दौरान नागरिकों द्बारा ऑनलाइन पध्दति से अपनी व अपने परिजनों की जानकारी भरी जा सकेगी. इसके उपरांत 16 मई से 14 जून के दौरान घर सूची व घर गणना का चरण पूरा होगा. इस कालावधि में नागरिको द्बारा अपनी जानकारी खुद ही भरने पर अगली प्रक्रिया प्रत्यक्ष भेंट के समय ज्यादा सुलभ व जलद पध्दति से होगी. इस पार्श्वभूमि पर सरकार के सूचना व जनसंपर्क विभाग ने नागरिकों को सोशल मीडिया पर घूम रहे फर्जी आवेदनों व लिंक से सावधान व सतत रहने हेतु कहा है.
पूरी तरह से डिजिटल होगी जनगणना
देश में सन 2011 से जनगणना नहीं हुई है. वहीं अब हो रही जनगणना की विशेषता यह है कि देश के इतिहास में पहली बार यह प्रक्रिया पूर्णत: डिजिटल पध्दति से अमल में लायी जा रही है. इस जनगणना में मोबाइल अॅप के प्रयोग, ऑनलाइन सेल्फ एन्युमरेशन तथा रियल टाइम मॉनिटरिंग का समावेश किया गया है. जिसके चलते यह देश के इतिहास में पहली डिजिटल जनगणना रहेगी.





