अमरावती की भूमिगत गटर योजना को विश्व बैंक देगी 3 हजार करोड की वित्तीय सहायता
मनपा आयुक्त के साथ विश्व बैंक के अधिकारियों की हुई महत्वपूर्ण बैठक

* 29 वर्षों से लटके प्रकल्प को मिलेंगी गति
अमरावती/ दि.7- अमरावती मनपा क्षेत्र में विगत कई वर्षों से प्रलंबित रहनेवाली भुमिगत गटर योजना जैसे महत्वाकांक्षी प्रकल्प के लिए विश्व बैंक से 3 हजार करोड रुपयों की वित्तीय सहायता मिलने की प्रक्रिया को अब रफ्तार मिली हैं. बुधवार को विश्व बैंक के चार उच्च पदस्त अधिकारियों की एक टीम अमरावती पहुंची. जिनकी मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा व महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता सुनील चव्हाण सहित मनपा अधिकारी के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण व गोपनीय बैठक हुई. जिसमें यह तय हुआ कि विश्व बैंक द्बारा अमरावती की भुमिगत गटर योजना के लिए 3 हजार करोड रुपयों की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.
* 29 वर्षों का वनवास होगा खत्म
बता दें कि अमरावती शहर के लिए सबसे पहले सन 1997 में युती सरकार के कार्यकाल दौरान 123 करोड रुपयों की भुमिगत गटर योजना को मंजूर किया गया था. परंतु कुछ तकनीकी दिक्कतों और नागरिकों की ओर से मिलनेवाले अत्यल्प प्रतिसाद से मुख्य वाहिनी के साथ घरेलु कनेक्शन को जोडनेवाला खर्च अधिक रहने के चलते यह प्रकल्प करीब 29 वर्षों तक अधर में लटका रहा. शहर विभाग में 24 हजार संपत्तियों के कनेक्शन प्रशासकीय लेट लतिफी की वजह से अटके हुए थे. परंतु अब इस नए प्रस्ताव के चलते पुराने कामों के लिए 500 करोड रुपए तथा शेष शहर में नए सिरे से भूयारी गटर योजना पर अमल करने हेतु 2500 करोड रुपए का प्रावधान किया गया हैं.
* विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने किया मुआयना
अमरावती महानगर पालिका में हुई बैठक में विश्व बैंक के चार विदेशी अधिकारियों का समावेश था. जिनमें दो महिला व दो पुरूष अधिकारी शामिल थे. बैठक के दौरान एक महिला अधिकारी की तबियत बिगड जाने के चलते वे बीच में ही बैठक छोडकर चली गई. वहीं शेष तीन अधिकारियों ने मनपा की आर्थिक स्थिति और विगत 3 वर्षों के बजट की विस्तृत समिक्षा की. इस समय मजीप्रा के कार्यकारी अभियंता सुनील चव्हाण को एक प्रश्नावली भी दी गई. जिसमें मलशुध्दिकरण केंद्र को लेकर विस्तृत जानकारी मंगाई गई.
* बैठक में इनकी रही उपस्थिति
इस बेहद महत्वपूर्ण व गोपनीय बैठक में मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा, तथा जीवन प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता सुनिल चव्हाण की प्रमुख उपस्थिति रही.

* विधायक राणा के प्रयास रहे सफल – भेंडे
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए उपमहापौर सचिन भेंडे ने बताया कि बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रवि राणा ने इस प्रकल्प के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लगातार संपर्क रखते हुए तमाम आवश्यक प्रयास किए थे तथा 22 अप्रैल 2026 को सीएम के नाम पत्र लिखकर 2914.42 करोड रुपयो की निधि व प्रकल्प व्यवस्थापन सलाहकार हेतु 140.72 करोड रुपयों की मांग की थी. खुद मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करते हुए इस प्रकल्प हेंतु विश्व बैंक से निधि दिलाने का आश्वासन दिया था. इसके चलते अब 3 हजार करोड रुपयो के मेगा प्रोजेक्ट को गति मिलती दिखाई दे रही हैं. यह योजना अमरावती वासियोें के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए हम इस प्रकल्प को पूरा कर निश्चित तौर पर शहर का कायाकल्प करेंगे.





