मंत्री अदिति तटकरे के निजी सचिव पर अधिकारियों के गंभीर आरोप

आर्थिक लेनदेन व ब्लैकमेलिंग में शामिल!

* मुख्यमंत्री से शिकायत; क्या है मामला?
 नागपुर /दि.11-महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे के निजी सचिव राजेश गायकवाड़ पर विभाग के अधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से शिकायत की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गायकवाड़ अपने पद का दुरुपयोग कर अधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं और आर्थिक लेनदेन व ब्लैकमेलिंग में शामिल हैं. महाराष्ट्र राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष संतोष भोसले ने इस संबंध में जांच कर गायकवाड़ को तत्काल पद से हटाने की मांग की है.

* लगातार साढ़े छह साल से जमे हैं पद पर
राजेश गायकवाड़ पिछले साढ़े छह साल से महिला एवं बाल विकास विभाग में मंत्रियों के निजी सचिव के रूप में कार्यरत हैं. तीन मंत्री बदले, सरकारें बदलीं, फिर भी वे विभाग में बने हुए हैं. आरोप है कि गायकवाड़ अधिकारियों पर गलत काम करने के लिए दबाव डालते हैं और महिला अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं. वे महिला अधिकारियों के साथ लज्जाजनक आचरण करते हैं और अश्लील, गंदे शब्दों का प्रयोग करते हैं. गायकवाड़ अपने पद का दुरुपयोग कर मंत्री की अनुपस्थिति में गंभीर दुर्व्यवहार करते हैं. वे झूठे विवरणों को कहानी के रूप में पेश कर प्रशासनिक कार्रवाई के लिए दबाव डालते हैं और आर्थिक व मानसिक शोषण के साथ अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं.
* आर्थिक शोषण और ब्लैकमेलिंग का आरोप
शिकायत के अनुसार, कई मामलों में करोड़ों रुपये की आर्थिक मांग और वसूली के लिए पद का दुरुपयोग किया जा रहा है. गायकवाड़ विभाग के कुछ विशिष्ट अधिकारियों के साथ व्यावसायिक रूप से अपमानजनक व्यवहार करते हैं और दूसरों को उनका उदाहरण दिखाकर उन्हें ब्लैकमेल करते हैं. विभाग में स्थानांतरण (ट्रांसफर) और प्रतिनियुक्ति के लिए उन्होंने अपनी एक समानांतर व्यवस्था बना रखी है, जिसके माध्यम से वे कई अधिकारियों का आर्थिक शोषण करते हैं और बदनाम करने वाली कहानियां गढ़ते हैं. जो अधिकारी उनकी बात नहीं मानते, उन्हें जानबूझकर असुविधाजनक और विपरीत जगहों पर तैनात करने का प्रयास किया जाता है. अपने आर्थिक हितों को साधने के लिए वे कुछ बाहरी व्यक्तियों और अधिकारियों की मदद से आर्थिक अनियमितताएं करते हैं.
* आरोप निराधार – गायकवाड़
इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर राजेश गायकवाड़ ने कहा कि, पत्र में लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और मुझे उन पर प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता महसूस नहीं होती. हालांकि, इस विषय पर संज्ञान लिया गया है और जानकारी जुटाई जा रही है.

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