प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला
अब मंत्रियों को मुंबई आने की जरूरत नहीं

मुंबई./दि.18 – प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने के साथ-साथ समय और ईंधन की बचत के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी फैसला लिया है. अब राज्य मंत्रिमंडल तथा अन्य महत्वपूर्ण बैठकों के लिए मुंबई के बाहर रहने वाले मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को हर बार मुंबई आने की आवश्यकता नहीं होगी. वे अब इन बैठकों में ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा ले सकेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशासनिक कार्यों में तकनीक के उपयोग को बढ़ाने के साथ-साथ मितव्ययिता और ईंधन बचत की अपील की थी. इसी अपील को समर्थन देते हुए राज्य सरकार ने इस नई व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया है. अब तक राज्य मंत्रिमंडल की बैठक या अन्य किसी तात्कालिक नीतिगत बैठक के लिए राज्य के कोने-कोने से मंत्रियों को मुंबई आना पड़ता था. कई बार बेहद महत्वपूर्ण दौरे पर होने या अपने निर्वाचन क्षेत्र में जरूरी काम होने के बावजूद मंत्रियों को मुंबई आना पड़ता था.
हालांकि, नए निर्णय के अनुसार मुंबई से दूर रहने वाले मंत्रियों को अब ऑनलाइन उपस्थिति का विकल्प मिलेगा. डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हुए हाई-सिक्योर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ये मंत्री बैठकों में अपनी राय रख सकेंगे. केवल मंत्रिमंडल बैठक ही नहीं, बल्कि अन्य उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण समिति बैठकों के लिए भी यह नियम लागू होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में वीआईपी संस्कृति कम करने, मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या सीमित रखने और ईंधन बचाते हुए प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल इंडिया का प्रभावी उपयोग करने की अपील की थी. इसी अपील को लागू करते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है. इसके तहत जिलाधिकारियों और अन्य स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को भी बिना वजह मुंबई बुलाने के बजाय ऑनलाइन संवाद पर जोर दिया जाएगा.
* इस फैसले के फायदे
– समय की बड़ी बचत: मंत्रियों को आपात बैठकों के लिए यात्रा में खर्च होने वाला समय बचेगा और वे अपने निर्वाचन क्षेत्र में अधिक समय दे सकेंगे.
– प्रशासनिक खर्च और ईंधन की बचत: मंत्रियों के मुंबई दौरे कम होने से सरकारी खर्च और ईंधन की बड़ी बर्बादी रुकेगी.
– तेज निर्णय प्रक्रिया: आपातकालीन या तात्कालिक स्थिति में सभी मंत्री कहीं भी हों, कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन जुड़कर बड़े फैसले ले सकेंगे.
– मंत्रालय सूत्रों की जानकारी: सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना डिजिटल माध्यम से ये बैठकें आयोजित की जाएंगी. इससे प्रशासनिक कार्यों को अधिक गति मिलेगी और प्रत्यक्ष यात्रा का दबाव कम होगा. राज्य सरकार के इस डिजिटल कदम से महाराष्ट्र की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में अब एक नया और आधुनिक बदलाव देखने को मिलेगा.





