अब मोबाइल ऐप से मिलेगा जीवित प्रमाणपत्र
बुजुर्गों को बड़ी राहत

* घर बैठे ऑनलाइन मिलेगी सुविधा, कार्यालयों के चक्कर काटने नहीं पडेंगे
अमरावती/दि.21- महाराष्ट्र शासन ने संजय गांधी निराधार योजना और श्रवण बाल सेवा योजना के लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है. अब लाभार्थी हर साल जमा किए जाने वाले जीवित प्रमाणपत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) को ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकेंगे. इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और निराधार लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी.
* कई योजनाओं के लिए जरूरी है लाइफ सर्टिफिकेट
सरकारी पेंशन नियमित जारी रखने के लिए हर वर्ष जीवित प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होता है. यह प्रमाणपत्र संजय गांधी निराधार योजना, श्रवण बाल सेवा योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए जरूरी है.
* अब घर बैठे मोबाइल से होगा काम
स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले लाभार्थी अपने मोबाइल में बेनेफिशियरी ऐप डाउनलोड कर घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे. वहीं जो लोग स्मार्टफोन का उपयोग नहीं कर सकते, वे अपने नजदीकी आपले सरकार सेवा केंद्र पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे.
* इन पांच फायदों का मिलेगा लाभ
– समय की बचत: लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं.
– पैसों की बचत: यात्रा खर्च से राहत.
– सम्मानजनक सुविधा: बुजुर्गों और दिव्यांगों की शारीरिक परेशानी कम.
– पारदर्शिता: ऐप से प्रमाणपत्र जमा होने की जानकारी तुरंत मिलेगी.
– सुरक्षा और सटीकता: बायोमेट्रिक और फेस वेरिफिकेशन से धोखाधड़ी पर रोक.
* कौन-कौन से ऐप होंगे जरूरी?
जीवित प्रमाणपत्र प्रक्रिया के लिए सबसे पहले यूआईडीएआई आधार फेस आरडी डाउनलोड करना होगा. इसके साथ ही राज्य सरकार के सामाजिक न्याय विभाग का बेनेफिशियरी ऐप उपयोग में लाया जाएगा.
* फेस रिकग्निशन से होगा सत्यापन
सरकार के अनुसार लाभार्थी मोबाइल के जरिए फेस रिकग्निशन और आवश्यक जानकारी अपलोड कर आसानी से प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. इससे बुजुर्ग, दिव्यांग और निराधार लाभार्थियों को तहसील कार्यालय या सेवा केंद्रों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सरकार का मानना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों का समय, पैसा और परेशानी दोनों कम होंगे.





