मेलघाट शिक्षक अतिरिक्त प्रकरण में उच्चस्तरीय जांच के संकेत

शिक्षा विभाग घिरा

अमरावती/दि.21 – मेलघाट क्षेत्र में शिक्षक अतिरिक्त घोषित किए जाने के मुद्दे पर अमरावती जिला परिषद का शिक्षा विभाग विवादों में घिर गया है. शिक्षक समायोजन प्रक्रिया में कथित गोल्डन गैंग के हस्तक्षेप के आरोप लगने से मामला और गंभीर हो गया है. अब इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होने के संकेत मिल रहे हैं. प्रहार शिक्षक संगठन के संस्थापक विधायक बच्चू कडू के माध्यम से राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा शिक्षा मंत्री के पास इस मामले की शिकायत दर्ज कराई जाने वाली है. संगठन के प्रदेशाध्यक्ष महेश ठाकरे ने शिक्षा विभाग पर मनमानी और नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है.
* गोल्डन गैंग के दबाव में काम करने का आरोप
शिक्षक वर्ग में चर्चा है कि अमरावती जिला परिषद का शिक्षा विभाग एक विशेष गोल्डन गैंग के प्रभाव में काम कर रहा है. आरोप है कि कुछ अधिकारियों द्वारा नियमों को दरकिनार कर चुनिंदा समूहों को फायदा पहुंचाने के लिए अलग-अलग नीति अपनाई जा रही है. न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद मूल याचिकाकर्ता शिक्षकों को न्याय नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ गई है.
* क्या है पूरा मामला?
पिछले वर्ष अंतरजिला तबादले से आए 42 शिक्षकों को प्रशासन ने नियमों के विरुद्ध पेसा (मेलघाट) क्षेत्र में शामिल किया था. इसके खिलाफ संबंधित शिक्षकों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. नवंबर 2025 में न्यायालय ने आदेश दिया था कि इन शिक्षकों को तत्काल नॉन-पेसा क्षेत्र में समायोजित किया जाए. हालांकि, शिक्षा विभाग ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर आदेश लागू नहीं किया. अब सातवें चरण के 97 शिक्षकों की बदली रद्द कर उन्हें सपाटी क्षेत्र में लाने की प्रक्रिया शुरू होने से विवाद और गहरा गया है.
* शिक्षकों की प्रमुख मांगें
– न्यायालय के आदेशानुसार 42 याचिकाकर्ता शिक्षकों का पहले समायोजन किया जाए.
– पेसा क्षेत्र के रिक्त पदों पर स्थानीय अनुसूचित जनजाति उम्मीदवारों की भर्ती की जाए.
– गैर आदिवासी शिक्षकों को मूल प्रवाह में वापस लाया जाए.
– पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से लागू की जाए.
* सीईओ सत्यम गांधी ने बुलाई बैठक
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी ने 19 मई को प्रहार शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए बुलाया था. हालांकि, बैठक में प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया. अब विधायक बच्चू कडू के माध्यम से मंत्रालय स्तर पर शिकायत किए जाने की तैयारी से अमरावती के शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई है.

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