72 हजार किलो वाट बढी डिमांड
11 करोड के डीपीसी फंड से उपकरण अपग्रेडेशन

* अमरावती में गर्मी का असर
* बिजली सप्लाई अखंडित रखने के प्रयास
* कार्यकारी अभियंता सुधीर वानखडे का दावा
अमरावती/दि.22– भीषण गर्मी से सभी परेशान है. हर वक्त प्रत्येक को पंखे का सहारा लेना पड रहा है. अमरावती में बिजली खपत का यह पीक अवर कहा जा सकता है. सोलर के बावजूद अमरावती शहर की बिजली खपत 72 हजार किलो वाट बढने की संभावना है. जिसे महावितरण अंतर्गत कंपनियों के साथ मिलकर पूर्ण करने प्रयत्नशील है. यह जानकारी कार्यकारी अभियंता सुधीर वानखडे ने आज दोपहर ‘अमरावती मंडल’ से खास चर्चा में दी. उन्होंने बताया कि, शहर की बिजली व्यवस्ता चुस्त-दुरुस्त करने डीपीसी फंड से डीपी बदलने से लेकर उपकरण अपग्रेडेशन के काम शुरु है. अधिकांश काम तो अगले सप्ताहभर में पूर्ण कर लिए जाएंगे. उन्होंने खास तौर से उल्लेख किया कि, विधायक संजय खोडके ने डीपीसी से 11 करोड का फंड शहर की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने उपलब्ध करवाया है.
* 72 डीपी नई लगाई जा रही
सुधीर वानखडे ने बताया कि, शहर में काम शुरु हो गए हैं. एलटी लाइन के बार-बार आ रहे डीपी के प्राब्लम को हल किया जा रहा है. 72 नई डीपी लगाई जा रही है. 50 डीपी महावितरण कंपनी अपनी ओर से लगा रही है, कैपेसीटी बढाई जा रही है. अगले पांच दिनों में यह कार्य पूर्ण कर लेने का दावा भी आपने किया.
* डीपी के नाना प्रकार के काम
उन्होंने बताया कि, बढते लोड के कारण डीपी के फ्युज जाना, कंडक्टर टूटना, ब्रेक डाउन होना, डीयो खराब होना जैसे अनेक काम होते हैं. 80 प्रतिशत समस्या इन्हीं बातों की होती है. पीक अवर में फुल लोड, करंट बढने से उपरोक्त समस्या बढती है. महावितरण के अभियंता और कर्मचारी हर समय तत्पर रहकर बिजली सप्लाई अखंडित रखने का प्रयास करने का दावा भी कार्यकारी अभियंता सुधीर वानखडे ने किया.
* नए डीपी के प्रस्ताव
डीपी अपग्रेडेशन अर्थात 100 केवी का लोड बढाकर 200 केवी किया जा रहा है. 50 नई डीपी का प्रस्ताव भेजा गया है. डीपीडीसी से नगरोत्थान अंतर्गत फंड प्राप्त हुआ है. इससे 70-72 डीपी या तो बदल दी जाएगी या अपग्रेडेशन होगा. सप्लाई दुरुस्त रखी जाएगी. उन्होंने बताया कि, सामने बरसात का सीजन है. जिसमें तेज हवाए चलने की स्थिति में पेड और पोल धराशाही होते हैं. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए भी महावितरण अभी से काम कर रहा है.
* 45 डिग्री में भी पोल के काम
इंजीनियर सुधीर वानखडे ने दावा किया कि, उनके अधीनस्थ कर्मचारी इस समय 4ञ्च्4-45 डिग्री तापमान में भी पोल लगाने और पोल पर चढकर काम कर रहे हैं. उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं से इस बात का अवश्य विचार करने का अनुरोध किया. वानखडे ने कहा कि, गर्मी भीषण है. इस बार तो रिकॉर्ड तोड रही है. पिछली बार बारिश आ गई थी. इस बार तो मई माह सभी की परीक्षा लेने पर तुला है. बावजूद इसके महावितरण के अधिकारी, अभियंता और कर्मचारी एवं ठेका कर्मचारी डटे हुए हैं. रात-बेरात कहीं से भी कॉल आती है, तो तत्परता से उस क्षेत्र की बिजली सप्लाई पूर्ववत करने की कोशिश की जाती है.
* सोलर के बावजूद बढा लोड
भयंकर गर्मी झेलते अमरावतीवासियों ने घरों की छतों पर सोलर लगवाए हैं. बल्कि इस मामले में अमरावती का नंबर प्रदेश में अग्रणी कहा जा सकता है. किंतु इसी सोलर के कारण रात्री का लोड परंपरागत सिस्टम पर बढता है. अमरावती शहर में मोटे तौर पर 70-72 हजार किलो वाट लोड बढ गया है. बिजली की खपत में इजाफे (वृद्धि) का कारण हर कोई कूलर्स, एसी की हवा चाह रहा है. बडे प्रमाण में उपकरण खरीदे जा रहे हैं. इससे भी बिजली खपत बढी है. उसे सुचारु रखने के लिए महावितरण सतत प्रयासरत है.





