प्रमाणपत्र वितरण प्रक्रिया होगी तेज़
प्रोजेक्ट प्रभावितों को बड़ी राहत

* सरकारी नौकरी में लाभ पाने का रास्ता आसान
* राजस्व व वन विभाग ने जारी किए स्पष्टीकरण
अमरावती/दि.27- राज्य में विभिन्न सार्वजनिक विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित हुए प्रोजेक्ट प्रभावित नागरिकों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार के 29 जनवरी 2025 के शासन निर्णय के अनुसार प्रोजेक्ट प्रभावित व्यक्तियों और उनके नामित वारिसों को दिए जाने वाले प्रोजेक्ट प्रभावित प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को लेकर राजस्व एवं वन विभाग ने 26 मई 2026 को विस्तृत दिशा-निर्देश और स्पष्टीकरण जारी किया है. नई प्रक्रिया के तहत प्रमाणपत्र वितरण और सत्यापन कार्य को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज़ बनाया जाएगा, जिससे वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा होने की उम्मीद है.
* सरकारी नौकरियों में मिलेगा लाभ
प्रोजेक्ट प्रभावित प्रमाणपत्र के आधार पर पात्र लोगों को सरकारी सेवाओं में विशेष आरक्षण और प्राथमिकता का लाभ मिलेगा. विशेष रूप से ग्रुप ‘उ’ और वर्ग-4 की नियुक्तियों में पात्र उम्मीदवारों को नियमानुसार अवसर प्रदान किए जाएंगे.
* डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
राजस्व विभाग के जिला पुनर्वसन सिस्टम के माध्यम से प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जाएगा. इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. लाभ का भुगतान भी पात्रता के अनुसार सीधे किया जाएगा.
* लंबित मामलों को मिलेगी गति
कई प्रोजेक्ट प्रभावित परिवारों के प्रमाणपत्र वर्षों से प्रशासनिक स्तर पर लंबित थे. इसके कारण अनेक युवाओं की सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा पार हो रही थी. नई फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया लागू होने से पात्र युवाओं को समय पर प्रमाणपत्र और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है. अमरावती के प्रोजेक्ट प्रभावित अभिजीत कवले ने कहा कि सरकार के इस स्पष्टीकरण से लंबे समय से अटके मामलों का समाधान होगा और प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी.





