स्केटिंग कोच संदीप सोलंकी का असमय निधन
बीती रात नवसारी रिंगरोड पर हुए हादसे का शिकार

* युटर्न लेने के बाद वाहन स्लीप होने के चलते नीचे गिरे थे
* सिर पर लगी थी गंभीर चोट, आज तडके इलाज के दौरान हुई मौत
अमरावती/दि.27 – स्थानीय नवसारी रिंग रोड पर राजपुत ढाबा के निकट हेमंत विहार स्थित हरिचंद्र रेसिडेन्सी निवासी स्केटिंग व स्विमींग कोच संदीपसिंह सोलंकी का आज तडके असमय ही निधन हो गया. संदीपसिंह सोलंकी बीती रात कठोरा से नवसारी रिंग रोड के बीच एक सडक हादसे का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हुए थे. जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां पर आज तडके 5.55 बजे उन्होंने दम तोड दिया. यह जानकारी सामने आते ही शहर के क्रीडा जगत में जबरदस्त शोक की लहर व्याप्त हो गई.
जानकारी के मुताबिक हरिचंद्र रेसिडेन्सी परिसर में रहनेवाले स्केटिंग कोच संदीप सोलंकी बिती रात 11.30 बजे के आसपास अपने परिवार के लिए आइस्क्रिम लाने हेतु घर से बाहर निकले थे. लेकिन नाना-नानी पार्क के पास स्थित आइस्क्रिम पार्लर की ओर जाने हेतु सडक पर युटर्न लेते समय उनका दुपहिया वाहन स्लीप हो गया और वे सडक पर गिर पडे. इस समय नाली के किनारे पडे पत्थर से टकराने की वजह से उनके सीर पर काफी गंभीर चोट आई. और वे वहीं पर अचेत होकर गिर पडे. इस बात की ओर ध्यान जाते ही परिसर में मौजूद लोगों ने तुरंत ही पुलिस को सुचित करते हुए संदीप सिंह सोलंकी को इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन इलाज के दौरान आज तडके करीब 5.55 बजे संदीप सोलंकी की मौत हो गई.
इस मामले में गाडगे नगर पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज करते हुए संदीपसिंह सोलंकी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. आज सुबह जिला शवागार में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संदीप का शव उनके परिजनों के हावाले किया गया. और फिर शाम करीब 5 बजे अंतिम यात्रा निकालते हुए स्थानीय स्मशानभुमि में संदीप के शव पर अंतिम संस्कार किए गए. इस समय स्थानीय क्रीडा जगत से वास्ता रखनेवाले कई प्रशिक्षक व खिलाडी भी उपस्थित थे.
दिवंगत संदीपसिंह सोलंकी अपने पश्चात पत्नी तथा एक बेटे व एक बेटी का भरापुरा परिवार छोड गए है. उनकी पत्नी जिला परिषद में शिक्षिका रहने के साथ ही दर्यापुर के आराला गांव में पदस्थ है. वही उनकी बेटी ने कक्षा 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पुणे के अभियांत्रिकी महाविद्यालय में प्रवेश लिया है, जबकि छोटा बेटा अभी कक्षा 9 वीं का छात्र हैं.
* जरूड से अमरावती आकर अपनी पहचान बनाई थी संदीप सोलंकी ने
– स्केटींग कोच के साथ ही स्विमींग कोच व लाईफ सेवर भी थे संदीप
अपनी खुद की स्केटिंग अकादमी चलाने के साथ-साथ शहर की अन्य स्केटिंग अकादमियों में भी खिलाडियों का मार्गदर्शन करनेवाले संदीपसिंह सोलंकी वर्ष 2019 में वरूड तहसील के जरूड गांव से निकलकर अमरावती आए थे और उन्होंने बेहद कम समय में अपनी स्केटिंग अकादमी शुरू करते हुए स्केटिंग कोच के तौर पर अपनी पहचान भी बनाई थी. स्केटिंग कोच रहने के साथ साथ संदीपसिंह सोलंकी बेहतरीन तैराक भी थे और उन्होंने जीवन रक्षक यानी लाईफ गार्ड की योग्यता भी हासिल की थी. साथ ही वे स्वीमिंग कोच के तौर पर भी काम किया करते थे. जिसके चलते उनकी शहर के क्रिडा जगत में अच्छी खासी जानपहचान भी थी. ऐसे में संदीप सिंग सोलंकी के असमय निधन को शहर के क्रिडा जगत के लिहाज से काफी बडा नुकसान माना जा रहा है.
* प्रशासनीक लापरवाही की वजह से हुआ हादसा
हरिचंद्र रेसिडेन्सी परिसर में रहनेवाले लोगों के मुताबिक जिस जगह पर यह हादसा घटित हुआ, उस जगह पर जमीन में काले रंग का एक आधा कटा पोल गडा हुआ है. जो रात के समय दिखाई ही नहीं देता. सडक पर युटर्न लेते समय संभवत: लोहे के उसी पोल से संदीपसिंह सोलंकी का वाहन टकराया और दुपहिया असंतुलित होने के बाद वे जमीन पर गिर पडे. साथ ही पास ही स्थित नाली के पास पडे पत्थर से उनका सिर टकरा गया और उनके सिर पर काफी गंभीर चोट लगी. जिससे वे वहीं पर अचेत होकर गिर पडे. ऐसे में परिसरवासियों द्बारा आरोप लगाया जा रहा है कि यदि संबंधित विभाग द्बारा समय रहते सडक के पास लगे लोहे के पोल को हटाने का काम किया गया होता तो संभवत: संदीपसिंह सोलंकी के साथ यह हादसा घटित नहीं हुआ होता. ऐसे में परिसरवासियों द्बारा संदीपसिंह सोलंकी की मौत के लिए एक तरह से प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया गया है.





