रवि राणा से आज सुबह हुई चर्चा, महायुति के प्रवीण पोटे का करेंगे समर्थन
महायुति में कोई मतभेद नहीं, स्थानीय स्तर पर होंगे तो भी राज्य में महायुति कायम

* पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का दावा
* महायुति सभी 17 सीटों पर प्राप्त करेगी विजय
अमरावती/दि.1 – पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले नेे दावा किया कि, विधायक और वायएसपी नेता रवि राणा और नवनीत राणा से आज सुबह ही टेलिफोन पर उनकी चर्चा हुई. वे अमरावती आने के उपरांत पुन: चर्चा होगी. विधायक राणा और वायएसपी के सभी नगरसेवक अमरावती प्राधिकार विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र से महायुति के उम्मीदवार प्रवीण पोटे पाटिल का समर्थन करने का विश्वास भी चंद्रशेखर बावनकुले ने दर्शाया. जब उनसे पूछा गया कि, शिवसेना नेता गोपीकिसन बाजोरिया भी नामांकन कर रहे हैं, तब पालकमंत्री बावनकुले ने कहा कि, शिवसेना महायुति का घटक पक्ष है. इस बारे में वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की जाएगी. बाजोरिया उम्मीदवारी पीछे ले लेने का दावा भी उन्होंने किया. प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने यह भी कहा कि, राज्य की सभी 17 सीटों पर होने जा रहे विधान परिषद चुनाव में महायुति विजयी होगी. उन्होंने कहा कि, महायुति में कोई मतभेद नहीं है. लोकल लेवल पर कोई मतभेद होगा, तो भी राज्यस्तर पर महायुति बरकरार है. इसी दम पर सभी स्थानों पर विधान परिषद उम्मीदवारों की विजय तय है.
इस समय बावनकुले के ईर्द-गिर्द स्वयं प्रवीण पोटे, राष्ट्रवादी के वरिष्ठ नेता विधायक संजय खोडके और बीजेपी और महायुति के सभी प्रमुख नेता मौजूद थे. बावनकुले ने लाडली बहन योजना में अपात्र ठहराई गई महिलाओं को दोबारा आवेदन करने का आवाहन किया और दावा किया कि, सभी पात्र महिलाओं को लाडली बहन योजना का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि, 80 लाख महिलाओं के योजना से वंचित रह जाने, बाहर निकल जाने का आंकडा गलत है. महिलाओं के आवेदन और पूर्व खातों की संपूर्ण जांच कर सभी को योजना का लाभ दिलाएंगे. योजना में पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपए दिए जाते हैं, जो सीधे उनके खाते में जमा होते हैैं. पालकमंत्री बावनकुले ने महायुति उम्मीदवार के रुप में नाम लेते समय बार-बार सभी प्रमुख दलों भाजपा, शिवसेना शिंदे, राष्ट्रवादी, युवा स्वाभिमान, रिपाइं आठवले का उल्लेख कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार का भी नाम लिया.
पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को निवेदन देनेवालों का जमावडा हो गया था. उन्होंने अधिकांश निवेदन स्वीकार किए. कई निवेदन पर अपने हस्ताक्षर भी तत्परता से किए.





