पर्यावरण संरक्षण के लिए अब विद्यार्थियों को आगे आना होगा
बाल पर्यावरण रक्षक अभियान

* पर्यावरण मित्र क्षमता ठाकुर का आह्वान
* राजनंदिनी स्मृति फाउंडेशन का राज्यव्यापी आयोजन
अमरावती /दि.4- गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग करते हुए बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रेम विकसित करने के उद्देश्य से एक अभिनव पर्यावरणीय अभियान का आयोजन किया गया है. गर्मी के अंत और वर्षा ऋतु की शुरुआत में नीम, इमली, अशोक, बादाम, अमलतास आदि वृक्षों के लाखों बीज भूमि पर गिरते हैं, किंतु उनका उचित उपयोग न होने के कारण वे नष्ट हो जाते हैं.
इसी प्रकार आम, जामुन, सीताफल, चीकू आदि फलों के बीज अक्सर कचरे में फेंक दिए जाते हैं, जबकि प्रत्येक बीज एक विशाल वृक्ष बनने की क्षमता रखता है. विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे इन बीजों का संग्रह करें तथा डिस्पोजेबल और अन्य अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग कर उनसे सुंदर पौधे तैयार करें. ऐसा करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा. पर्यावरण मित्र एवं आकाशवाणी कलाकार कु. क्षमता ठाकुर की प्रेरणादायक संकल्पना पर आधारित बाल पर्यावरण रक्षक अभियान के अंतर्गत विद्यार्थी अपनी गर्मी की छुट्टियों में विभिन्न वृक्षों के बीज एकत्रित कर स्वयं पौधे तैयार करेंगे.
इस अभियान में मुख्य रूप से नीम, इमली, आम, जामुन तथा अन्य छायादार एवं पर्यावरण के लिए उपयोगी वृक्षों के बीजों का संग्रह किया जाएगा. विद्यार्थी घर में उपलब्ध पुराने प्लास्टिक ग्लास, दूध के खाली पैकेट, खाली बोतलें, डिब्बे तथा अन्य अनुपयोगी वस्तुओं का गमले के रूप में उपयोग कर पौधे तैयार करेंगे. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिगं) को भी बढ़ावा मिलेगा. इस अभियान की विशेषता यह है कि नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होने के बाद पहले माह में विद्यार्थी अपने द्वारा तैयार किए गए पौधों को विद्यालय लेकर आएंगे. साथ ही, उनके पास बची हुई अतिरिक्त बीजों को विद्यालय की राजनंदिनी सीड बैंक में जमा किया जाएगा, जिनका उपयोग सीड बॉल निर्माण तथा आगामी वृक्षारोपण कार्यक्रमों में किया जाएगा.
विद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि वे विद्यार्थियों द्वारा किए गए इस पर्यावरणीय कार्य का अभिलेख रखें तथा तैयार पौधों का रोपण विद्यालय परिसर में करें, स्थानीय नागरिकों को वितरित करें अथवा प्रत्येक विद्यालय में एक छोटी पौधशाला (नर्सरी) स्थापित करें. इससे बच्चों को अपने हाथों से लगाए गए पौधों की वृद्धि देखने का अवसर मिलेगा और उनके मन में प्रकृति के प्रति गहरा लगाव विकसित होगा. यही भावना आगे चलकर युवाओं में पर्यावरण संरक्षण की मजबूत चेतना पैदा करेगी और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनेगी. इस पर्यावरण-अनुकूल अभियान में भाग लेने वाले प्रत्येक बाल पर्यावरण रक्षक को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा. कचरा प्रबंधन और वृक्ष संवर्धन को एक साथ बढ़ावा देने वाले इस अनूठे उपक्रम की सर्वत्र सराहना की जा रही है.
* अभिभावकों से अपील
गर्मी की छुट्टियों में बच्चों का मोबाइल और टीवी पर बिताया जाने वाला समय कम करके उन्हें प्रकृति से जोड़ने का यह एक उत्कृष्ट अवसर है. अभिभावक बच्चों को बीज संग्रह करने तथा अनुपयोगी वस्तुओं से गमले बनाने के लिए प्रोत्साहित करें, ऐसा आह्वान पर्यावरण मित्र क्षमता ठाकुर ने किया है. अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति राजनंदिनी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों से 9370101577 पर संपर्क कर सकते हैं.





