घोडदेव सिंचन परियोजना बनी संतरा उत्पादक किसानों के लिए वरदान
पूर्व कृषि मंत्री हर्षवर्धन देशमुख की दूरदृष्टि से क्षेत्र में सिंचाई का बड़ा विस्तार

अमरावती/दि.13- मोर्शी तहसील के ड्राई ज़ोन के रूप में पहचाने जाने वाले क्षेत्र के किसानों के लिए घोडदेव सिंचन परियोजना एक बड़ी राहत और वरदान साबित हो रही है. इस परियोजना के कारण संतरा उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिली है और क्षेत्र में कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है. यह परियोजना पूर्व कृषि मंत्री तथा श्री शिवाजी शिक्षा संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख की दूरदृष्टि और प्रयासों से विकसित हुई है. इसके माध्यम से घोडदेव, डोंगर यावली, हिवरखेड, दापोरी, सालबर्डी सहित आसपास के गांवों के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही है.
पहले इस क्षेत्र की खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, जिससे संतरा बागों की उत्पादकता और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था. अनियमित बारिश और पानी की कमी के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था. लेकिन घोडदेव सिंचन परियोजना के कारण अब बारहमासी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है. नियमित सिंचाई से संतरा बागों की पैदावार बढ़ी है, फलों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है. कई किसानों ने अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना शुरू कर दिया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है.
किसानों का कहना है कि इस परियोजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है और कृषि को स्थिरता प्रदान की है. इस परियोजना को क्षेत्र के विकास का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है. राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के मोर्शी तहसील अध्यक्ष रुपेश वालके ने कहा, घोडदेव सिंचन परियोजना के कारण हमारे क्षेत्र की खेती को नया जीवन मिला है. पहले केवल बारिश पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब नियमित सिंचाई से संतरा उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है. यह परियोजना हर्षवर्धन देशमुख की दूरदृष्टि का उत्कृष्ट उदाहरण है. स्थानीय किसानों का मानना है कि इस परियोजना ने ‘हरित क्रांति’ की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक स्थायी लाभ साबित होगी.





