अमरावती की जनसमस्याओं पर एक्शन मोड में दिखे पालकमंत्री बावनकुले
बिजली कटौती, इर्विन अस्पताल, खाद संकट और जन्म प्रमाणपत्र पोर्टल की समस्याओं पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

* महावितरण, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे की चर्चा, जवाबदेही तय करने के संकेत
अमरावती/दि.13– अमरावती शहर और जिले में बढ़ती जनसमस्याओं को लेकर राज्य के राजस्व मंत्री एवं जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले शुक्रवार को पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दिए. शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती, जिला सामान्य अस्पताल (इर्विन) की अव्यवस्थाएं, खरीफ सीजन से पहले खाद संकट, जन्म प्रमाणपत्र पोर्टल की तकनीकी खामियां तथा अन्य नागरिक समस्याओं को लेकर उन्होंने पत्रकारों से विस्तृत जानकारी ली और तत्काल संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क कर समाधान के निर्देश दिए. पालकमंत्री की सक्रियता के बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मुद्दों पर अब विभागों की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी को जवाबदेही के साथ काम करना होगा.
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने तथा इस दौरान केन्द्र सरकार द्बारा किए गये उल्लेखनीय कामों की जानकारी देने के उद्देश्य से पालकमंत्री बावनकुले ने अमरावती पहुंचकर पत्रवार्ता को संबोधित किया और 12 वर्शो के दौरान रहनेवाली मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनवाया. इस पत्रवार्ता के बाद पालकमंत्री बावनकुले ने मीडिया कर्मियों के साथ अनौपचारिक चर्चा व गपशप भी की. इस दौरान स्थानीय मीडिया कर्मियों ने पालकमंत्री के सामने अमरावती शहर सहित जिले की अनेकों समस्याओं को रखा. जिसके बाद पालकमंत्री बावनकुले पूरी तरह से एक्शन मोड में दिखाई दिए.
* बिजली कटौती पर महावितरण अधिकारियों को लगाई फटकार
पत्रकारों ने शहर में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने, घंटों तक बिजली गुल रहने, शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने तथा अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठाए जाने की समस्या पालकमंत्री के समक्ष रखी. इस पर बावनकुले ने महावितरण के संचालन निदेशक सचिन तालेवार से सीधे मोबाइल पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि अमरावती में उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं और कॉल सेंटर से भी संतोषजनक प्रतिसाद नहीं मिल रहा है. नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है.
पालकमंत्री के निर्देश के बाद महावितरण मुख्यालय से तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमरावती के मुख्य अभियंता, अधीक्षक अभियंताओं और कार्यकारी अभियंताओं की बैठक आयोजित की गई. जिसमें निर्देश दिए गये कि नियोजित मरम्मत कार्यों के लिए सुबह 7 से 11 बजे के बीच ही बिजली बंद की जाए. उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा. नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रखा जाए. शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए. बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु विशेष शिविर लगाए जाएं. लाइनमैन से लेकर मुख्य अभियंता तक सभी अधिकारी उपभोक्ताओं के फोन का जवाब दें. इसके साथ ही संचालन निदेशक सचिन तालेवार ने चेतावनी दी कि शिकायतों की अनदेखी या फोन नहीं उठाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
* इर्विन अस्पताल की बदहाली पर स्वास्थ्य मंत्री से सीधी चर्चा
जिला सामान्य अस्पताल (इर्विन) में अव्यवस्था, स्वच्छता की कमी और मरीजों को हो रही परेशानियों का भी पालकमंत्री ने गंभीर संज्ञान लिया. उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर से दूरभाष पर चर्चा कर अस्पताल की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और स्वयं अमरावती आकर अस्पताल का निरीक्षण करने का आग्रह किया. स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए शीघ्र कदम उठाने का आश्वासन दिया. उन्होंने संकेत दिए कि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर निलंबन सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी.
* खरीफ सीजन से पहले खाद संकट पर चिंता
बैठक के दौरान किसानों के लिए यूरिया और डीएपी खाद की संभावित कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. पालकमंत्री ने कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ बुवाई से पहले पर्याप्त खाद उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
* जन्म प्रमाणपत्र पोर्टल की समस्या पर मुंबई में होगी बैठक
नगर निगम के जन्म प्रमाणपत्र पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं का मुद्दा भी चर्चा में सामने आया. विशेष रूप से वर्ष 2016 से पहले जन्मे नागरिकों को जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. पालकमंत्री ने कहा कि यह समस्या केवल अमरावती तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यभर के नागरिकों को प्रभावित कर रही है. उन्होंने बताया कि इस विषय के स्थायी समाधान के लिए 16 जून को मुंबई में मुख्य सचिव के साथ विशेष बैठक आयोजित की जाएगी.
* पुलिस आयुक्त से भी की चर्चा
शहर की कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पालकमंत्री ने पुलिस आयुक्त राकेश ओला से भी चर्चा की तथा आवश्यक निर्देश दिए.
* अब विभागों को देना होगा जवाब
पालकमंत्री बावनकुले ने प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला सूचना अधिकारी गजानन कोटुलवार को निर्देश दिए कि समाचार पत्रों में प्रकाशित जनहित से जुड़े नकारात्मक समाचारों पर संबंधित विभागों से विस्तृत स्पष्टीकरण प्राप्त कर तत्काल मीडिया संस्थानों को उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने अपने कार्यालय के अधिकारी शशांक चवरे को भी विशेष जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि विभागों से प्राप्त कार्रवाई रिपोर्टों की निगरानी कर उन्हें मीडिया तक पहुंचाया जाए. बढ़ती बिजली कटौती, अस्पतालों की अव्यवस्था, खाद संकट और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर जनता में बढ़ती नाराजगी के बीच पालकमंत्री की यह सक्रियता प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि जनहित के मुद्दों पर लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.





