शादी टूटने के मामले में सभी आरोपी बाइज्जत बरी

अमरावती/दि.13- मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमरावती न्यायमूर्ति श्री नरडेले ने शादी टूटने के बाद दर्ज धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकी देने के मामले में सभी पांच आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया है. बरी किए गए आरोपियों में नीलेश अशोकआप्पा खलबू, अशोकआप्पा महादेवआप्पा खलबू, गोपालआप्पा पंधिरे (सूरत, गुजरात), सुनीलआप्पा पंधिरे तथा मारोती गंजीवाले (चिंचोली गवली, तह. मोर्शी) का समावेश है. इन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 506 तथा 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था.
जानकारी के मुताबिक मोर्शी तहसील के सार्सी निवासी विनोदआप्पा घोलू की पुत्री अश्विनी की सगाई वर्ष 2016 में आरोपी निलेश खलबू के साथ हुई थी. सगाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच अंगूठी और कपड़ों का आदान-प्रदान भी हुआ था. बाद में 4 मई 2016 को विवाह की तारीख तय की गई थी, लेकिन विवाह से पहले ही वर पक्ष ने शादी रद्द कर दी. शिकायत के अनुसार, विवाह की तैयारियों पर हुए खर्च की भरपाई का आश्वासन देने के बाद भी राशि नहीं दी गई और धमकियां दी गईं. माहुली जहागीर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था. सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने सात गवाहों की गवाही पेश की. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र दुबे और श्वेता आचार्य ने दलील दी कि विवाह पूर्व हुए सामाजिक और पारिवारिक व्यवहार को धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता. साथ ही गवाहों की गवाही में कई विरोधाभास भी सामने आए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा. इसके आधार पर सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया गया. मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र दुबे और अधिवक्ता श्वेता आचार्य ने पैरवी की.

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