15 जून को समाप्त होगा अधिक मास
सोमवार को सोमवती अमावस्या पर मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन

अमरावती /दि.13– आगामी 15 जून सोमवार को अधिक मास समाप्त होगा. उसके बाद धर्मप्रेमी जनता और विवाह इच्छुक परिवारों का इंतजार खत्म होने जा रहा है. पंचांग की गणना के अनुसार, अधिक मास की समाप्ती के ठीक चार दिन बाद यानि 19 जून से मांगलिक कार्यो और शादियों की विधिवत शुरुआत हो जाएगी. जून के उत्तरार्ध में विवाह के लिए कई बेहद शुभ मुहूर्त बन रहे है. जिसमें शहनाईयों की गूंज एक बार फिर सुनाई देगी. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, 15 जून को अधिक मास समाप्त होने के बाद ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति पूरी तरह अनुकूल हो जाएगी. वर-वधू के वैवाहिक जीवन में प्रेम, आपसी तालमेल और समृद्धि बढानेवाले नक्षत्रों का सुंदर संयोग जून के अंतिम सप्ताह में दिखाई देगा.
इस महिने में मुख्य रुप से उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा और मूल नक्षत्रों में विवाह संपन्न कराए जाएंगे. पंचांग के अनुसार, अधिक मास समाप्त होने के बाद 17 जून से मांगलिक कार्य शुरु होंगे. लेकिन जून और जुलाई में भी विवाह के लिए बहुत अधिक अवसर उपलब्ध नहीं है. दोनों महिनों को मिलाकर केवल 17 दिन ही विवाह लग्न पड रहे है. जून में 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29 और 30 जून को विवाह के शुभ मुहूर्त है. वहीं जुलाई में 1, 2, 6, 7, 8 तथा 11 जुलाई को विवाह लग्न है. पंडितों का कहना है कि, 1 जुलाई से आषाढ माह शुरु हो जाएगा. परंपरागत रुप से आषाढ में भी विवाह के मुहूर्त सीमित रहते है.
इस वर्ष आषाढ में 1, 6, 7 और 8 जुलाई को ही प्रमुख लग्न है. जबकि 11 जुलाई का मुहूर्त अल्प अवधि का होने के कारण उतना प्रभावी नहीं माना जा रहा है. ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या 15 जून को मनाई जाएगी. वहीं श्राद्ध की अमावस्या 14 जून को होगी. अमावस्या तिथि 14 जून को दिन में 11.14 बजे से प्रारंभ होगी और इसका समापन 15 जून को प्रात: 8.46 बजे तक होगा. 14 को रोहिणी धिरती योग होगा, वहीं 15 को मृगशिरा नक्षत्र, सवार्थ अमृत सिद्धी योग रहेगा.
* कुंडली मिलान और लग्न शुद्धी है जरुरी
स्थानीय पंडितो और ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि, यह तिथियां पंचांग के सामान्य शास्त्रीय नियमों के आधार पर तैयार की गई है. वह जैसे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णय के लिए वर और वधू की जन्म कुंडली के अनुसार, लग्न शुद्धी, चंद्र शुद्धी और तारा शुद्धी का विचार किया जाना बेहद जरुरी होता है. अत: कोई भी तारीख अंतिम रुप से तय करने से पहले अपने पारिवारिक विद्वान पंडित या ज्योतिषाचार्य से कुंडली मिलान अवश्य करवा लें, ताकि दाम्पत्य जीवन सुखमय एवं मंगलकारी बना रहे.





