ठेेकेदार के प्रलंबित पर हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

भातकुली-गणोजा देवी मार्ग के ठेकेदार का भुगतान अटका

* 3 करोड़ के कार्य पर मिले केवल 20 लाख रुपये
* नागपुर खंडपीठ ने जताई नाराजगी, सरकार से मांगा जवाब
* 17 जून तक लंबित बिलों पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश
अमरावती/ नागपुर/ दि. 13 – अमरावती जिले के भातकुली से गणोजा देवी मंदिर तक बनने वाले सड़क मार्ग के ठेकेदार को करोड़ों रुपये के बकाया भुगतान न मिलने के मामले में मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने राज्य सरकार के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. न्यायालय ने कहा कि लगभग 3 करोड़ रुपये का कार्य पूर्ण होने के बावजूद ठेकेदार को मात्र 20 लाख रुपये का भुगतान किया जाना गंभीर मामला है. खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि लंबित बिलों के भुगतान को लेकर स्पष्ट जवाब 17 जून तक न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए.
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अनिल किलोर एवं न्यायमूर्ति राजेश पाटील वाकोड़े की खंडपीठ के समक्ष हुई. इस संबंध में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, नागपुर के पूर्व सचिव एडवोकेट अमोल जलतारे द्वारा याचिका दायर की गई है.
* करीब 3 करोड़ का कार्य, भुगतान सिर्फ 20 लाख
याचिका के अनुसार, भातकुली-गणोजा देवी मार्ग के निर्माण का कार्य ठेकेदार ब्ल्यूश सोंठ द्वारा किया जा रहा है. सड़क निर्माण पर अब तक लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च हो चुका है, जबकि शासन की ओर से केवल 20 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. भुगतान नहीं मिलने के कारण ठेकेदार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बताया गया कि सड़क निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन बकाया राशि जारी नहीं किए जाने से परियोजना प्रभावित होने की आशंका है.
* हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है मार्ग
गणोजा देवी मंदिर क्षेत्र का प्रसिद्ध एवं प्राचीन महालक्ष्मी मंदिर है, जिसे विदर्भ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. भातकुली से गणोजा देवी मंदिर तक लगभग 8 किलोमीटर लंबा मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में था. खराब सड़क के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इसी कारण सड़क के विकास कार्य को विशेष महत्व दिया गया था.
* सरकारी कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह सवाल उठाया कि जब सड़क निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, तब भी ठेकेदार के बिलों का भुगतान क्यों लंबित रखा गया है. खंडपीठ ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक महत्व की परियोजनाओं में भुगतान संबंधी अनावश्यक देरी विकास कार्यों को प्रभावित करती है और इससे नागरिकों को भी नुकसान उठाना पड़ता है.
* 17 जून को अगली सुनवाई
खंडपीठ ने राज्य सरकार को 17 जून तक शपथपत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई उसी दिन होगी. याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट देवव्रत वांदे ने पक्ष रखा.
* आस्था और विकास दोनों से जुड़ा मामला
भातकुली-गणोजा देवी मार्ग केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा विषय है. गणोजा देवी मंदिर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. ऐसे में सड़क निर्माण कार्य में वित्तीय बाधाएं आने पर स्थानीय स्तर पर भी चिंता व्यक्त की जा रही है.

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