उपवर्गीकरण के विरोध में 59 जातियों का संयुक्त महामोर्चा 17 जून को
लाखों लोगों के शामिल होने का दावा

अमरावती/दि.16- अनुसूचित जातियों के उपवर्गीकरण के विरोध में महाराष्ट्र की 59 जातियों के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार, 17 जून को विशाल महामोर्चा निकाला जाएगा. यह मोर्चा सुबह 11 बजे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकलेगा. मोर्चे में जिले भर से लाखों नागरिकों के शामिल होने का दावा आरक्षण उपवर्गीकरण विरोधी कृती समिति ने किया है.
जिला मराठी पत्रकार भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में समिति के प्रा. जगदीश गोवर्धन ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों में उपवर्गीकरण लागू करने के प्रयासों के विरोध में यह आंदोलन आयोजित किया जा रहा है. समिति के रमेश कटके ने बताया कि मोर्चे के माध्यम से अनुसूचित जातियों के उपवर्गीकरण की प्रक्रिया तत्काल रद्द करने, न्यायमूर्ति अनंत बदर समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, सरकारी नौकरियों में लंबित आरक्षित पदों को भरने, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने, जातिवार जनगणना कराने तथा एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग पर क्रीमीलेयर की शर्त लागू नहीं करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई जाएंगी. साथ ही नीट, सीबीएसई और सीयूईटी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की जाए.
समिति के रविकांत गवई ने एससी, एसटी, ओबीसी, व्हीजेएनटी और डीटी समाज के नागरिकों से बड़ी संख्या में मोर्चे में शामिल होने की अपील की. वहीं नयन मोंढे ने बताया कि विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक, कर्मचारी, युवा और महिला संगठनों के साथ 59 जातियों की अनेक संस्थाएं इस महामोर्चे में सक्रिय रूप से भाग लेंगी. पत्रकार परिषद में प्रा. जगदीश गोवर्धन, रमेश कटके, रविकांत गवई, नयन मोंढे, विजयकुमार चौरपगार, प्रकाश बोरकर, डॉ. प्रफुल गवई, डॉ. संजय खडसे, डॉ. देविदास आठवले, डॉ. अश्विनी गोडाने, मनीष साठे, सुदाम बोरकर, राजेश वानखड़े, सुनील रामटेके, अनिता गवई और मदन गायकवाड़ सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.





