गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में 30 दिवसीय गुरमुखी एवं गुरमत शिक्षा शिविर का सफल समापन

बच्चों ने गुरबाणी कीर्तन, शबद गायन और गुरु इतिहास की प्रस्तुतियों से संगत का मन मोह लिया

* अमृतसर से आए शिक्षकों ने 50 बच्चों को दी गुरमुखी, गुरमत और सिख विरासत की शिक्षा
अमरावती/दि.19- शहर के राजापेठ स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में आयोजित 30 दिवसीय गुरमुखी एवं गुरमत शिक्षा शिविर का समापन श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ. शिविर में भाग लेने वाले बच्चों ने एक माह के दौरान अर्जित ज्ञान और धार्मिक संस्कारों का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित साध संगत का मन मोह लिया. गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा द्वारा आयोजित इस विशेष शिविर के लिए पंजाब के अमृतसर से दो प्रशिक्षित शिक्षकों को आमंत्रित किया गया था. दोनों शिक्षकों ने लगभग 50 बच्चों को गुरमुखी लिपि का अध्ययन कराया तथा सिख धर्म के मूल सिद्धांतों, गुरमत विचारधारा और गुरु साहिबानों के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों की जानकारी दी.
इस शिविर के दौरान बच्चों को सिख इतिहास, धार्मिक परंपराओं, गुरु परंपरा, पंजाबी भाषा और सिख विरासत से परिचित कराया गया. इसके माध्यम से बच्चों में अपनी भाषा, संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता और आत्मीयता विकसित करने का प्रयास किया गया. शिविर ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ उनमें नैतिक एवं आध्यात्मिक संस्कारों का भी संचार किया.
* शहीदी गुरुपर्व पर हुआ विशेष समापन समारोह
शिविर का समापन धन-धन श्री गुरु अर्जुनदेव जी महाराज के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में किया गया. इस दौरान बच्चों ने गुरबाणी कीर्तन, शबद गायन तथा गुरु इतिहास पर आधारित प्रेरणादायी प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ गुरु साहिबानों के जीवन, उनके बलिदान और मानवता के लिए दिए गए संदेशों पर अपने विचार व्यक्त किए. उनकी प्रस्तुतियों को संगत ने खूब सराहा और बच्चों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहवर्धन किया.
* प्रतिभागियों को प्रदान किए गए प्रमाणपत्र
एक माह तक नियमित रूप से शिविर में भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी बच्चों को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किए गए. इस अवसर पर बच्चों के अभिभावकों ने भी आयोजन की सराहना करते हुए इसे नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया.
* शिक्षकों का किया गया विशेष सम्मान
समापन समारोह में अमृतसर से पधारे दोनों शिक्षकों का विशेष सम्मान किया गया. गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और समर्पण के कारण शिविर अत्यंत सफल रहा तथा बच्चों को धर्म और संस्कृति की बहुमूल्य शिक्षा प्राप्त हुई.
* बड़ी संख्या में उपस्थित रही साध संगत
इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अध्यक्षा चरणजीतकौर (रीना) नंदा, सचिव नरेंद्रपालसिंह अरोरा, रविंद्रसिंह सलूजा, शरणपालसिंह अरोरा, डॉ. निक्कू खालसा, अमरजोतसिंह जग्गी, विक्रमजीतसिंह नंदा, प्रहलादसिंह साहनी, लाड़ीकौर सलूजा, पम्मी मोंगा, निक्की अरोरा सहित कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे. बड़ी संख्या में साध संगत ने भी समारोह में सहभागिता कर बच्चों का उत्साह बढ़ाया.
* भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे शिविर
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कहा कि गुरमुखी एवं गुरमत शिक्षा शिविर बच्चों को गुरबाणी, पंजाबी भाषा, सिख इतिहास और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है. नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे. कमेटी ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन बच्चों में धार्मिक चेतना, अनुशासन, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

Back to top button