ऑपरेशन टाइगर’ का दूसरा चरण शुरू
छह सांसदों के बाद अब ठाकरे गुट के 13-14 विधायक भी टूटेंगे!

* बच्चू कडू, संतोष बांगर और शंभूराज देसाई के दावों से महाराष्ट्र की राजनीति में मचा भूचाल
मुंबई/ दि.19 – महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ ने अब नया मोड़ ले लिया है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के बगावती रुख के बाद अब ठाकरे गुट के 13 से 14 विधायक भी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. यह दावा शिवसेना विधायक बच्चू कडू ने किया है. वहीं मंत्री शंभूराज देसाई और विधायक संतोष बांगर ने भी ऐसे संकेत देकर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है. ज्ञात रहे कि राज्य में पहले ही छह सांसदों की कथित बगावत से ठाकरे गुट दबाव में है. ऐसे में विधायकों के टूटने की चर्चा ने महाविकास आघाड़ी और विशेष रूप से उद्धव ठाकरे खेमे की चिंता बढ़ा दी है.
* आगे आगे देखो होता है क्या… : संतोष बांगर
हिंगोली में पत्रकारों से चर्चा करते हुए विधायक संतोष बांगर ने कहा कि उन्होंने छह महीने पहले ही संकेत दिए थे कि कुछ सांसद शिवसेना (शिंदे) में शामिल होंगे और आज वह बात सच साबित हो रही है. उन्होंने कहा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर विश्वास रखते हुए छह सांसद हमारे साथ आए हैं. अब आगे क्या होगा, यह भी जल्द दिखाई देगा. ठाकरे गुट के 13 से 14 विधायक भी आने वाले समय में हमारे साथ जुड़ेंगे. बांगर के इस बयान को ठाकरे गुट के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है.
* शंभूराज देसाई का भी दावा
राज्य के मंत्री शंभूराज देसाई ने भी एक समाचार चैनल से बातचीत में दावा किया कि ठाकरे गुट के कई विधायक असंतुष्ट हैं और वे भी शिंदे गुट के संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, वे सभी हमारे मित्र हैं. उनके मन में जो खदखद है, वह समय आने पर सामने आएगी. मुझे विश्वास है कि वे भी हमारे साथ आएंगे.
* बच्चू कडू बोले- शिंदे का प्लानिंग हमेशा सटीक
पूर्व मंत्री व विधायक बच्चू कडू ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की राजनीतिक रणनीति की सराहना करते हुए कहा कि सांसदों के बाद अब विधायकों का आना भी तय है. उन्होंने कहा, शिंदे साहब का नियोजन हमेशा सटीक रहता है. बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम वही कर रहे हैं. जिस तरह सांसद आए हैं, उसी तरह विधायक भी आएंगे.
* छह सांसदों की बगावत से बदले समीकरण
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार जिन छह सांसदों के शिंदे गुट के साथ जाने की चर्चा है, उनमें संजय जाधव (परभणी) संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), नागेश पाटील आष्टीकर (हिंगोली), ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी), संजय दीना पाटिल (ईशान्य मुंबई) शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को स्वतंत्र समूह के गठन संबंधी पत्र भी सौंपा है.
* ठाकरे के साथ फिलहाल केवल तीन सांसद
वर्तमान स्थिति में उद्धव ठाकरे के साथ अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे ये तीन सांसद मजबूती से खड़े दिखाई दे रहे हैं. हाल ही में दिल्ली में आयोजित बैठक में भी ये तीनों सांसद ठाकरे के साथ मौजूद रहे थे.
* दो-तिहाई संख्या का गणित बना ताकत
लोकसभा में ठाकरे गुट के कुल नौ सांसद हैं. इनमें से छह सांसद अलग रुख अपनाते हैं तो दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पूरा हो जाता है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इससे दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की संभावनाएं काफी कमजोर हो सकती हैं.
* हिंगोली में लगे स्वागत के बैनर
हिंगोली में सांसद नागेश पाटील आष्टीकर के समर्थन में बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं. इन बैनरों में उनके निर्णय का स्वागत करते हुए उन्हें जिले के विकास के लिए सही कदम उठाने वाला नेता बताया गया है. इससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि शिंदे गुट इस पूरे घटनाक्रम को खुलकर समर्थन दे रहा है.
* ठाकरे गुट पर बढ़ता दबाव
बता दे कि 2022 में एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत कर शिवसेना में ऐतिहासिक विभाजन किया था. अब सांसदों के बाद विधायकों के टूटने की चर्चा ने ठाकरे गुट की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि संतोष बांगर का 13-14 विधायकों वाला दावा सच साबित हुआ, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा भूचाल आ सकता है. फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस बात पर टिकी है कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ का अगला शिकार कौन बनता है और आने वाले दिनों में शिवसेना की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है.





