मां बनने के बाद भी नहीं रुकेगा क्रिकेट करियर

महिला खिलाड़ियों को 'ICC' का बड़ा साथ, वापसी के लिए खास मॉडल जारी

मुंबई/दि.24- महिला क्रिकेट का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। जो महिला क्रिकेटर कभी केवल खेल पर ध्यान केंद्रित करती थीं, वे अब अपने करियर के साथ-साथ परिवार का भी विचार कर रही हैं। मातृत्व के बाद मैदान पर वापसी करते समय उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ICC ने महिला क्रिकेटरों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।                     ICC ने सोमवार को मातृत्व के बाद क्रिकेट में वापसी करने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी किए। इस पहल में छह महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है, और सभी क्रिकेट बोर्डों को महिला खिलाड़ियों की मैदान पर वापसी सुनिश्चित करने के लिए एक पूरा खाका (Framework) दिया गया है।                                                                                चिकित्सा सलाहकारों की सहमति से तैयार दिशा-निर्देश नई गाइडलाइंस के अनुसार, प्रत्येक खिलाड़ी के लिए एक स्वतंत्र मैनेजर नियुक्त किया जाएगा। खिलाड़ी के स्वास्थ्य, फिटनेस और प्रशिक्षण का चरणबद्ध तरीके से जायजा लेकर उन्हें फिर से मैदान पर लौटने में मदद की जाएगी। इसके अलावा, बच्चों की देखभाल, यात्रा संबंधी सुविधाएं, और प्रसव के बाद आवश्यक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया महिला टीम की डॉ. फिलिप्पा इंग के नेतृत्व में ICC की चिकित्सा सलाहकार समिति ने ये दिशा-निर्देश तैयार किए हैं।इस खाके में बच्चे के जन्म के बाद शारीरिक रिकवरी, खेल में वापसी और उसके बाद की देखभाल जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। ICC का मानना है कि जैसे-जैसे महिला क्रिकेट का विस्तार हो रहा है, खिलाड़ियों को उचित आराम मिलना भी उतना ही जरूरी है। यह पहल इसलिए शुरू की गई है ताकि महिला खिलाड़ियों को मातृत्व और क्रिकेट करियर में से किसी एक को चुनने की स्थिति न आए।                                                                                        फ्लेचर बनीं उदाहरण इस नई गाइडलाइन का फायदा कितना बड़ा हो सकता है, इसका उदाहरण वेस्टइंडीज की एफी फ्लेचर हैं। 2021 में मां बनने के बाद फ्लेचर ने क्रिकेट में शानदार वापसी की। अब वह महिला विश्व कप 2026 में भी खेल रही हैं। फ्लेचर ने विश्वास जताया है कि ICC की नई गाइडलाइंस के कारण भविष्य में कई अन्य महिला खिलाड़ियों के लिए मातृत्व के बाद मैदान पर वापसी करना आसान हो जाएगा। फ्लेचर ने कहा, “प्रसव के बाद खुद के शरीर को संभालना एक चुनौती थी ही, लेकिन बच्चे से दूर रहकर दोबारा क्रिकेट पर ध्यान देना उससे भी कठिन था। मेरे परिवार का सहयोग, अच्छा स्वास्थ्य और खुद पर विश्वास के कारण ही वापसी संभव हो सकी। हर खिलाड़ी का सफर अलग होता है, लेकिन अगर सही समर्थन मिले तो मातृत्व के बाद भी क्रिकेट करियर पूरा किया जा सकता है, यह मैंने खुद के उदाहरण से साबित किया है।”

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