अधिकारी-रेत तस्करों की मिलीभगत तोडने के लिए राज्य में बनेगी ‘टास्क फोर्स’

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की विधानसभा में घोषणा

* नायब तहसीलदार पर हमले के मामले में देरी करनेवाले अधिकारियों की भी होगी जांच
*‘ईटीएस’ प्रणाली के जरिए 10 वर्षों के अवैध खनन का होगा हिसाब
मुंबई /दि.25- राज्य में गौण खनिज और रेत माफियाओं के साथ मिलीभगत कर तस्करों को संरक्षण देनेवाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी, ऐसी घोषणा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को विधानसभा में की.
उन्होंने कहा कि, सरकारी अधिकारियों की हत्या का प्रयास करनेवाले संगठित अपराधियों तथा उनकी मदद करनेवाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार एमपीडीए जैसे कडे कानूनों के तहत कार्रवाई कर रही है. यह मामला तस्करों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत का है और इस समस्या को जड से समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की गई है. वे विधायक नाना पटोले द्वारा उठाए गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे.
* नायब तहसीलदार पर हमला, मामला दर्ज करने में 10 दिन देरी
रेत और खनिज तस्करों द्वारा नायब तहसीलदार गवारे की हत्या का प्रयास किया गया. उनके उपर ट्रक चढाने जैसी अत्यंत गंभीर और निंयनीय घटना हुई, लेकिन इसके बावजूद मामला दर्ज करने की अनुमति देने में वरिष्ठ स्तर पर हुई देरी बेहद चौकानेवाली है. एक आईएएस स्तर के अधिकारी ने एफआईआर दर्ज करने की अनुमति देने में पूरे 10 दिन लगाए. इसके बाद मामला दर्ज हुआ और कार्रवाई की गई. मंत्री ने कहा कि, अधिकारियों की इस भूमिका और देरी से अधिकारी-तस्कर सांठगांठ स्पष्ट रुप से सामने आता है. जिन अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में ऐसे तस्कर पनपते है, उन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब सीधे और कडी कार्रवाई की जाएगी.
* पूरे राज्य में लागू होगी ‘ईटीएस’ प्रणाली
राज्य में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार इस वर्ष पूरे राज्य में गौण खनिज और रेत के लिए ‘ईटीएस’ प्रणाली लागू कर रही है. इस प्रणाली के माध्यम से केवल वर्तमान अवधि ही नहीं, बल्कि पिछले 10 वर्षों के दौरान राज्य में जहां कहीं भी अवैध खनन हुआ है, या हो रहा है, उसकी भी गंभीरता से जांच की जाएगी. राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है तथा रेत तस्करों और भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत को समाप्त करने के लिए आक्रमक कदम उठाए जा रहे है.

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