मैं इतनी कमजोर नहीं कि राज्यसभा के लिए किसी के दरवाजे जाऊं
राज्यसभा टिकट को लेकर उठी चर्चाओं पर पूर्व सांसद नवनीत राणा का तीखा जवाब,

* बोलीं – मैं कभी भी अपनी विचारधारा से कोई समझौता नहीं करूंगी
अमरावती/मुंबई/दि.26 – राज्यसभा सीट को लेकर चली राजनीतिक चर्चाओं के बीच अमरावती की पूर्व सांसद नवनीत राणा ने विपक्षी दलों और आलोचकों को करारा जवाब दिया है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इतनी कमजोर नहीं हैं कि राज्यसभा की सदस्यता पाने के लिए किसी के दरवाजे पर जाएं. साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन वह अपनी विचारधारा से कभी समझौता नहीं करेंगी.
दरअसल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुनेत्रा पवार द्वारा उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करने के बाद उनकी रिक्त हुई राज्यसभा सीट के लिए नवनीत राणा के नाम की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही थी. हालांकि महायुति के सीट बंटवारे के तहत यह सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस के हिस्से में रही और पार्टी ने वरिष्ठ नेता राजेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाया. विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा, जिससे राजेंद्र जैन निर्विरोध निर्वाचित हो गए.
राज्यसभा सीट को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा ने कहा कि कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि वह राज्यसभा टिकट के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं के पास गई थीं, लेकिन यह पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा, मैं 2024 के चुनाव में टिकट मांगने के लिए भी किसी के दरवाजे नहीं गई थी. नवनीत राणा इतनी कमजोर नहीं है कि किसी पद के लिए किसी के सामने जाए. मैं अपनी विचारधारा को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाली हूं. पद मिलते हैं और चले जाते हैं, लेकिन मेरे विचार और सिद्धांत जीवनभर मेरे साथ रहेंगे.
पूर्व सांसद नवनीत राणा ने संकेत दिए कि उनका पूरा ध्यान आगामी लोकसभा चुनाव पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि वह आने वाले चुनावों के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं और जनता के बीच सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. उन्होने कहा कि सांसद रहते हुए उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को संसद भ्रमण का अवसर उपलब्ध कराया था और अब सांसद नहीं होने के कारण यह कार्य नहीं कर पाने का उन्हें दुख है. हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में उन्हें फिर से जनता की सेवा का अवसर मिलेगा.
राजनीतिक चर्चाओं को मिला नया मोड़
राज्यसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से हुई उनकी मुलाकातों को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि नवनीत राणा के ताजा बयान ने इन चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी पद के लिए प्रयासरत नहीं थीं और उनकी प्राथमिकता आगामी लोकसभा चुनाव तथा जनसेवा ही है. नवनीत राणा के इस बयान के बाद अमरावती सहित राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं.





