एसटी घाटे में गई तो अधिकारियों पर गिरेगी गाज
परिवहन मंत्री सरनाईक ने दिया एक माह का अल्टीमेटम

* आय बढ़ाने में नाकाम रहने वाले अधिकारियों की होगी बदली
* पदावनति या निलंबन; 31 में से 21 विभाग घाटे में
मुंबई/दि.29- महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने एसटी के अधिकारियों को एक महीने का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में आय बढ़ाने के ठोस परिणाम नहीं दिखाई दिए तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ बदली, पदावनति अथवा निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी. मंत्री सरनाईक ने कहा कि एसटी केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लाखों नागरिकों की जीवनरेखा है. इसलिए अधिकारियों को केवल कार्यालयों में बैठकर योजनाएं बनाने के बजाय जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाने होंगे.
* भाड़ा बढ़ा, फिर भी घट गई आय
परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल और मई जैसे व्यस्त ग्रीष्मकालीन सीजन में किराया वृद्धि के बावजूद एसटी की आय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई. सामान्यतः इस अवधि में यात्रियों की संख्या अधिक रहने से महामंडल को अच्छा राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन इस वर्ष स्थिति इसके विपरीत रही. इस पर नाराजगी जताते हुए प्रताप सरनाईक ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि केवल कागजी योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि आय बढ़ाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे.
* 31 में से 21 विभाग घाटे में
महामंडल की वित्तीय स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के 31 एसटी विभागों में से 21 विभाग वर्तमान में घाटे में चल रहे हैं. भीड़भाड़ वाले सीजन में भी घाटा होना प्रबंधन और संचालन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. सरकार का मानना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है.
* अधिकारियों की होगी व्यापक समीक्षा
महामंडल को घाटे से बाहर निकालने के लिए अब प्रत्येक आगार, विभागीय कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय और मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की कार्यक्षमता का स्वतंत्र मूल्यांकन किया जाएगा. यह जांच की जाएगी कि आय में कमी के पीछे क्या कारण रहे और यात्रियों की संख्या क्यों घटी. एक माह बाद सभी अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी. जो अधिकारी अपेक्षित परिणाम देने में असफल पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
* यात्रियों को बेहतर सेवा देने पर जोर
परिवहन मंत्री सरनाईक ने अधिकारियों को बसों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने, फेरियों का वैज्ञानिक नियोजन करने तथा यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं. उन्होंने कहा कि निजी परिवहन सेवाओं की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एसटी को अपनी विश्वसनीयता और सेवा स्तर बनाए रखना होगा.
* प्रशासन में मची हलचल
मंत्री सरनाईक के इस कड़े रुख के बाद एसटी महामंडल के वरिष्ठ अधिकारियों और आगार प्रबंधकों में हलचल मच गई है. अगले एक महीने में आय बढ़ाने, यात्रियों की संख्या में वृद्धि करने और सेवा गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन को विशेष प्रयास करने होंगे. राज्य सरकार के इस कदम को एसटी महामंडल को आर्थिक संकट से बाहर निकालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि आने वाले महीने में अधिकारियों के प्रयासों का क्या परिणाम सामने आता है और घाटे में चल रहे विभाग कितनी तेजी से सुधार दर्ज कर पाते हैं.