पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने की मुख्यमंत्री फडणवीस की सराहना

राजनीतिक भविष्य को लेकर फिर तेज हुई चर्चाएं

नागपुर/दि.29 – भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने गढ़चिरौली और गोंदिया जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलवाद पर नियंत्रण और विकास कार्यों का श्रेय फडणवीस को दिया. उनके इस बयान के बाद एक बार फिर उनके राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई हैं.
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दस पद्मश्री सम्मानित व्यक्तियों के नागरिक अभिनंदन समारोह में बोलते हुए भूषण गवई ने कहा कि एक समय गढ़चिरौली और गोंदिया नक्सलवाद से बुरी तरह प्रभावित थे, जहां विकास कार्य करना बेहद कठिन था. उद्योग स्थापित करने वाले लोगों को नक्सलियों की धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता था. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन वे उन्हें बधाई देना चाहते हैं. गवई ने कहा कि फडणवीस की पहल के कारण गढ़चिरौली और गोंदिया में नक्सल प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है और अब गढ़चिरौली खनन तथा औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है.
अपने संबोधन में भूषण गवई ने भारतीय संविधान के मूल्यों पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि संविधान का आधार बंधुत्व और मानवता है. राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज की ग्रामगीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान और ग्रामगीता दोनों ही समाज में भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश देते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से समाजसेवा की प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पद्मश्री से सम्मानित सभी व्यक्तियों ने सुख-सुविधाओं का त्याग कर समाजहित के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का उल्लेख करते हुए गवई ने कहा, संपत्ति व्यक्ति को प्रतिष्ठा दिला सकती है, लेकिन जो अपना जीवन देश और समाज के लिए समर्पित करता है, वही वास्तव में महान कहलाता है. भूषण गवई के इस सार्वजनिक बयान के बाद उनके संभावित राजनीतिक प्रवेश को लेकर चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. हालांकि, उन्होंने स्वयं राजनीति में आने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

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