गिरफ्तारी के डर से पेट्रोल पंप मैनेजर ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत
4.82 लाख रुपये के गबन मामले में फरार था आरोपी

* नागपुर में पुलिस पहुंचते ही उठाया आत्मघाती कदम
यवतमाल/नागपुर/दि.12 – यवतमाल जिले के कलंब थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप पर लाखों रुपये के कथित गबन मामले में फरार चल रहे एक मैनेजर ने गिरफ्तारी के भय से नागपुर में जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. मृतक की पहचान अमित विठ्ठल भगत (35), निवासी कार्ली के रूप में हुई है. वह कलंब तहसील के वरध स्थित एक पेट्रोल पंप पर मैनेजर के रूप में कार्यरत था.
पुलिस के अनुसार पेट्रोल पंप मालिक ने अमित भगत के खिलाफ 4 लाख 82 हजार रुपये के वित्तीय गबन की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर कलंब पुलिस ने 30 जून को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था. मामला दर्ज होने के बाद से अमित भगत फरार चल रहा था. पुलिस उसकी तलाश में तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य माध्यमों का सहारा ले रही थी. इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नागपुर के हुडकेश्वर क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप परिसर में छिपा हुआ है.
सूचना मिलने पर सहायक पुलिस निरीक्षक अमित जाधव के नेतृत्व में कलंब पुलिस की टीम नागपुर पहुंची. पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए घेराबंदी की. बताया जाता है कि पुलिस को सामने देखकर अमित भगत घबरा गया और गिरफ्तारी की आशंका से उसने वहां रखी चूहे मारने की दवा खा ली. कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं. स्थिति गंभीर होने पर पुलिस ने तत्काल उसे नागपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया. अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन जहरीले पदार्थ का असर अधिक होने के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना की सूचना हुडकेश्वर पुलिस को भी दी गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान हुई इस मृत्यु के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की संबंधित प्रावधानों के तहत दंडाधिकारी स्तर पर जांच कराई जाएगी. शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि गबन प्रकरण की जांच अलग से जारी रहेगी, जबकि आरोपी की मौत के कारणों और परिस्थितियों की भी विस्तृत जांच की जाएगी.





