स्ट्रक्चरल सुधार से अमरावती जिले में कृषि सहायकों के 100 पद प्रभावित
तीन एसडीओ पद समाप्त, क्षेत्रीय स्तर पर असंतुलन बढ़ने की आशंका

अमरावती/दि.13 – राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को 28 साल बाद कृषि विभाग के नए आकृतिबंध को मंजूरी दी है. नए ढांचे में हर 1,500 किसानों पर एक कृषि सहायक नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है. इसके चलते अमरावती जिले में कृषि सहायकों के करीब 100 पद प्रभावित होने की स्थिति बन गई है. जिले में वर्तमान में कृषि सहायकों के 408 पद हैं.
नए आकृतिबंध में अमरावती जिले के अमरावती, अचलपुर और मोर्शी के तीन उपविभागीय कृषि अधिकारी पद समाप्त कर दिए गए हैं. इनकी जगह मुख्यालय स्तर पर एक की बजाय चार उपसंचालक पद बनाए जाएंगे. इससे कृषि विभाग के क्षेत्रीय कामकाज में असंतुलन बढ़ने तथा किसानों के काम में देरी होने की आशंका व्यक्त की जा रही है. कृषि विभाग ने इससे पहले वर्ष 1998 में आकृतिबंध तैयार किया था. करीब 28 वर्ष बाद तैयार किए गए नए ढांचे को अंतिम रूप देने में लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगा. हालांकि, नए आकृतिबंध को लेकर विभाग के भीतर भी असंतोष की चर्चा है. नए आकृतिबंध के कारण जिले में मौजूदा कृषि सहायक पदों में करीब 100 पदों का फेरबदल-कमी होने की स्थिति है. इससे विशेष रूप से दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में किसानों को कृषि विभाग की सेवाएं समय पर मिलने को लेकर चिंता बढ़ गई है.
* मुख्यालय में बनाए जाएंगे नए पद
नए ढांचे के तहत जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय में विस्तार, उद्यानिकी, गुणवत्ता नियंत्रण एवं अभियांत्रिकी तथा मौसम तकनीक जैसे विभागों के लिए उपसंचालक स्तर के पद बनाए जाएंगे. वहीं, क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत तीन एसडीओ पद समाप्त होने से किसानों को स्थानीय स्तर पर मिलने वाली कृषि विभाग की सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है.
* 1,500 किसानों का मानदंड सवालों के घेरे में
कृषि सहायकों की संख्या तय करने के लिए प्रति 1,500 किसानों का मानदंड निर्धारित किया गया है. विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि केवल किसानों की संख्या के आधार पर कृषि सहायकों के पद निर्धारित करना उचित नहीं है. विदर्भ में कृषि भूमि का क्षेत्रफल और भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं. ऐसे में क्षेत्रफल को भी पदों के निर्धारण का आधार बनाया जाना चाहिए. बताया गया है कि नए मानदंड के अनुसार कराड तहसील में 98 और बारामती तहसील में 77 कृषि सहायक होंगे, जबकि अमरावती जिले की विभिन्न तहसीलों में यह संख्या काफी कम रहेगी.
* मेलघाट को सबसे बड़ा झटका
नए आकृतिबंध का सबसे अधिक असर मेलघाट क्षेत्र की धारणी और चिखलदरा तहसीलों पर पड़ने की बात सामने आई है. वर्तमान में दोनों तहसीलों में 36-36 कृषि सहायक कार्यरत हैं. नए ढांचे में चिखलदरा में यह संख्या घटकर 7 और धारणी में 14 रह जाएगी. ये पद पहले पेसा कानून के तहत क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराए गए थे. वहीं भातकुली, चांदूर रेलवे, धामणगांव रेलवे, वरुड, तिवसा और अंजनगांव तहसीलों में कृषि सहायकों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है. नांदगांव खंडेश्वर, मोर्शी, चांदूर बाजार, दर्यापुर और अचलपुर में भी पदों का पुनर्गठन किया गया है.





