1 साल में 19 बार ईरान-इराक गया फयाज प्रेमजी

मोबाइल में मिले सबूत, 15000 लोगों को मारने का सच खंगाल रही पुलिस

मुंबई/दि.29 – पिछले हफ्ते बायकुला में मुहर्रम जुलूस में शामिल लोगों को ज़िंक फॉस्फाइड वाली गोलियां बांटने के आरोप में बायकुला पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया 39 साल का पुणे का रहने वाला है. वह शख्स करीब दो हफ्ते पहले शहर आया था और डोंगरी के एक सस्ते होटल में ठहरा था. इसके बाद उसने कथित तौर पर ऑनलाइन 30,000 कैप्सूल और 50 किलो ज़िंक फॉस्फाइड मंगवाया. एक अधिकारी ने कहा वह इन गोलियों से 15,000 लोगों को मारना चाहता था. पुलिस ने उसके पास से जहर भरी 14900 गोलियां जब्त कीं हैं. मामले में एक खास बात पता चली है कि वह 2025 में 19 बार ईरान और इराक गया था.
बता दे कि ज़िंक फॉस्फाइड का इस्तेमाल अक्सर चूहों को मारने के ज़हर के तौर पर किया जाता है और यह इंसानों के लिए बहुत जहरीला हो सकता है. आरोपी फैयाज प्रेमजी ने कथित तौर पर जुलूस में शामिल लोगों को ये गोलियां दर्द निवारक और इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवा बताकर दी थीं.
* लगभग 10 लोगों ने खाई गोलियां
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि कम से कम 10 लोगों ने ये गोलियां खाई थीं, लेकिन जहर के लक्षण दिखने के बाद स़िर्फ दो लोग पुलिस के पास पहुंचे. पुलिस को शक है कि गोलियां खाने वाले लोगों की संख्या ज़्यादा हो सकती है, लेकिन उन्हें समय पर इलाज मिल गया.
* मां और बहन ईरान और इराक में
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या पुणे में पेंट बनाने का कारोबार करने वाला प्रेमजी किसी अंतरराष्ट्रीय साज़िश का हिस्सा था. जांच में फैयाज प्रेमजी के फोन पर ईरान और इराक के नंबर मिले थे. अब तक की जांच में पता चला है कि ये नंबर उसकी मां और बहन के हैं, जो कथित तौर पर उन देशों में रहती हैं. वह खुद कई बार ईरान और इराक जा चुका है.
* पुणे पहुंचे पुलिस टीम
प्रेमजी को रविवार को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया. शुरुआती जांच से पता चला है कि दो साल पहले पत्नी के छोड़कर चले जाने के बाद वह डिप्रेशन में चला गया था. अधिकारी ने कहा कि जानकारी जुटाने के लिए पुलिस की एक टीम पुणे गई है. पीड़ितों में से एक, गोवंडी के रहने वाले सलमान मोहम्मद इस्लाम सय्यद (26) की पत्नी ने ढजख को बताया कि जुलूस की रस्मों के दौरान हुए दर्द से राहत के लिए एक महिला को अपने बेटे को गोली देते हुए देखकर उसने भी उस महिला से एक गोली ली थी. दो घंटे बाद उसे उल्टी होने लगी. उसकी हालत स्थिर है और उसका इलाज चल रहा है.
श्रद्धालुओं में से एक, 26 साल के सलमान सईद ने कथित तौर पर उनमें से एक कैप्सूल खा लिया था, जिसके बाद उसे उल्टी और बेचैनी महसूस हुई. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज हुआ और अब वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है. पूछताछ के दौरान, प्रेमजी ने दावा किया कि ये कैप्सूल मुहर्रम के दौरान मातम मनाने और खुद को चोट पहुंचाने (सेल्फ-फ्लैजलेशन) जैसी रस्मों में शामिल श्रद्धालुओं को दर्द से राहत देने के लिए थे.
* बीबीए तक की है फयाज प्रेमजी ने पढ़ाई
शुक्रवार के जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात बायकुला पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर दीपक सावंत की टीम ने आरोपी को कैप्सूल बांटते हुए देखा. इससे पहले कि वह और कैप्सूल बांट पाता, अधिकारियों ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया. पुलिस के अनुसार, प्रेमजी, जिसके पास बैचलर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री है, ने कथित तौर पर ये कैप्सूल एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से खरीदे थे. वह डोंगरी के एक होटल में ठहरा हुआ था.
सईद की शिकायत के आधार पर, बायकुला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 123 के तहत एफआयआर दर्ज की. इस धारा के तहत किसी को ज़हर, बेहोश करने वाली, नशीली या हानिकारक दवाएं देने या खिलाने पर सज़ा का प्रावधान है. पूछताछ के दौरान, प्रेमजी कैप्सूल बांटने के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या वह मानसिक रूप से अस्थिर है. जब्त किए गए कैप्सूल को उनकी बनावट की पुष्टि के लिए केमिकल एनालिसिस के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है. शुरुआती जांच से पता चलता है कि उनमें ज़िंक फॉस्फाइड है, जो एक बहुत जहरीला रसायन है. जांचकर्ता आरोपी के बैकग्राउंड की भी जांच कर रहे हैं क्योंकि पता चला है कि वह पहले इराक और ईरान की यात्रा कर चुका है. पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी ने इतनी बड़ी मात्रा में कैप्सूल ऑनलाइन कैसे खरीदे और क्या इस काम में कोई और व्यक्ति भी शामिल था.

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