विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता मंजूर नहीं
मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा ने जारी किए कडे व स्पष्ट निर्देश

* कोचिंग संस्थानों के लिए फायर ऑडिट को बताया बेहद अनिवार्य
* सभी शिक्षा संस्थाओं से नियमों का पालन करने का किया आवाहन
अमरावती /दि.30– विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अमरावती महानगरपालिका ने शहर के सभी कोचिंग क्लास संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की. महानगरपालिका आयुक्त वर्षा लढ्ढा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर ऑडिट, आपातकालीन व्यवस्थाओं तथा सुरक्षा नियमों के पालन पर विस्तार से चर्चा की गई. इस बैठक में मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा ने स्पष्ट कहा कि कोचिंग संस्थानों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि फायर ऑडिट केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है. सभी संस्थानों को शासन एवं अग्निशमन विभाग द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा.
मनपा मुख्यालय में आयोजित बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान में अग्निशमन यंत्र कार्यरत अवस्था में उपलब्ध हों, आपातकालीन निकास मार्ग स्पष्ट रूप से चिन्हित किए जाएं, विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच हो तथा आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखे जाएं. साथ ही कर्मचारियों और विद्यार्थियों को समय-समय पर अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया. अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने फायर ऑडिट के दौरान जांचे जाने वाले मानकों की जानकारी देते हुए भवन संरचना, विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, पानी की व्यवस्था, आपातकालीन सीढ़ियां, सूचना फलक और बचाव व्यवस्था जैसे पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन किया. उन्होंने बताया कि फायर ऑडिट में पाई जाने वाली कमियों को निर्धारित समय सीमा में दूर करना अनिवार्य होगा.
बैठक में कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने फायर ऑडिट प्रक्रिया से जुड़ी विभिन्न शंकाएं भी रखीं, जिनका महानगरपालिका और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने समाधान किया. आवश्यक दस्तावेजों, अनुमतियों और सुरक्षा मानकों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई. आयुक्त वर्षा लढ्ढा ने सभी संस्थानों को निर्धारित समयावधि में फायर ऑडिट पूरा कर उसकी रिपोर्ट महानगरपालिका को सौंपने के निर्देश दिए. उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाली संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक, उपायुक्त नरेंद्र वानखेडे, सहायक नगर रचना अधिकारी सागर वानखेडे, मुख्य अग्निशमन अधिकारी दिनेश हंबर्डे, सहायक आयुक्त भूषण पुसतकर, मंगेश कडू, शिक्षणाधिकारी डॉ. प्रकाश मेश्राम, बाजार परवाना विभाग के उदय चव्हाण सहित शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालक उपस्थित थे. बैठक के दौरान आयुक्त वर्षा लढ्ढा ने कोचिंग क्लासेस, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों के लिए एक समान और प्रभावी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करने के निर्देश भी दिए, ताकि सुरक्षा मानकों का एकरूपता से पालन सुनिश्चित किया जा सके.