नए शैक्षणिक सत्र से पहले मनपा स्कूलों के मुख्याध्यापकों और शिक्षकों के लिए भव्य प्रेरणा शिविर

शिक्षण सभापति एड. प्रीती रेवणे की पहल

* शिक्षाविद् हेरंब कुलकर्णी ने किया मार्गदर्शन
अमरावती/दि.30– नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले अमरावती मनपा के शिक्षा विभाग की ओर से मनपा संचालित 63 स्कूलों के मुख्याध्यापकों और शिक्षकों के लिए एक दिवसीय भव्य कार्यप्रेरणा शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देना तथा शिक्षकों को नई शिक्षा पद्धतियों और तकनीकी बदलावों के लिए प्रेरित करना था.
राजकमल चौक स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सभागार में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ महापौर श्रीचंद तेजवाणी के हाथों हुआ. इस अवसर पर मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा, उपायुक्त नरेंद्र वानखेडे तथा शिक्षा सभापति एड. प्रीती हर्षल रेवणे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. शिक्षा विशेषज्ञ, लेखक एवं विचारक हेरंब कुलकर्णी ने मेरी बदलती हुई स्कूल विषय पर शिक्षकों का मार्गदर्शन किया. उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय की पहचान केवल उसकी इमारत से नहीं, बल्कि शिक्षकों की सोच, कार्यशैली और विद्यार्थियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से होती है. उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता के अनुसार शिक्षण, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने, अभिभावकों से नियमित संपर्क तथा घर-घर जाकर संवाद करने पर विशेष जोर दिया.
हेरंब कुलकर्णी ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने, विद्यालय समय में मोबाइल का अनावश्यक उपयोग न करने, नियमित गृहकार्य देने, विद्यार्थियों की प्रगति की सतत समीक्षा करने और विद्यालय में सकारात्मक वातावरण बनाने का आह्वान किया. उन्होंने अंग्रेजी भाषा के महत्व, आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से मार्गदर्शन देते हुए कहा कि एआई को प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि शिक्षण का सहयोगी मानना चाहिए. शिविर में मानवी नवलानी ने अंग्रेजी भाषा का भय और उसका महत्व विषय पर व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी केवल एक भाषा है और उससे डरने की आवश्यकता नहीं है. आज के वैश्विक दौर में शिक्षा, रोजगार, विज्ञान, तकनीक और शोध के लिए अंग्रेजी का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने विद्यार्थियों में सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने की चारों भाषाई कौशल विकसित करने तथा संवादात्मक शिक्षण पद्धति अपनाने पर जोर दिया.
शिक्षा सभापति एड. प्रीति हर्षल रेवणे ने कहा कि मनपा के प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना उसका अधिकार है. इसी उद्देश्य से शिक्षकों को नई दिशा, प्रेरणा और आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिए इस कार्यप्रेरणा शिविर का आयोजन किया गया है. कार्यक्रम की प्रस्तावना शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रकाश मेश्राम ने रखी. संचालन योगेश राणे ने किया, जबकि पंकजकुमार सपकाल ने आभार व्यक्त किया. शिविर में मराठी, हिंदी और उर्दू माध्यम के मुख्याध्यापकों ने प्रतिनिधि के रूप में अपने विचार रखते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण उनके लिए आत्ममंथन का अवसर साबित हुआ है. इससे वे अपनी कमियों को दूर कर विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में बेहतर कार्य कर सकेंगे. मनपा शिक्षा विभाग का यह कार्यप्रेरणा शिविर नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत से पहले शिक्षकों के लिए नई सोच, नई ऊर्जा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का संकल्प लेकर आया. आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल मनपा स्कूलों में आधुनिक, विद्यार्थी-केंद्रित और प्रभावी शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी.

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