जुलाई के दूसरे सप्ताह से किसानों के खातों में आएगी कर्जमाफी की राशि

56 लाख किसानों को मिलेगा लाभ

अमरावती/दि.30- महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना-2026’ अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. सरकार के अनुसार जुलाई के दूसरे सप्ताह से पात्र किसानों के कर्ज खातों में कर्जमाफी की राशि जमा होना शुरू हो जाएगी. इस योजना के तहत राज्य के लगभग 56 लाख किसानों को करीब साढे 36 करोड़ रुपये का लाभ दिया जाएगा.
खरीफ सीजन से पहले लागू की जा रही इस योजना से आर्थिक संकट से जूझ रहे लाखों किसान परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. सरकार का कहना है कि यह योजना केवल कर्जमाफी तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को दोबारा आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें नया फसल कर्ज लेने में भी मदद करेगी. योजना के तहत दो लाख रुपये तक के बकाया कृषि कर्ज की पूर्ण माफी दी जाएगी. जिन किसानों का बकाया दो लाख रुपये से अधिक है, उन्हें वन टाइम सेटलमेंट योजना का लाभ मिलेगा. इसके तहत किसान अपने हिस्से की राशि जमा करने के बाद सरकार निर्धारित कर्जमाफी की राशि सीधे ऋण खाते में जमा करेगी. इसके अलावा विपरीत परिस्थितियों के बावजूद समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देने का भी निर्णय लिया गया है.
सरकार ने योजना की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और आधार आधारित बनाया है. सभी बैंकों से पात्र किसानों का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है और कंप्यूटर आधारित सत्यापन के बाद अंतिम लाभार्थी सूची तैयार की जाएगी. यह सूची ग्राम पंचायत, गांव की चावड़ी, बैंक शाखाओं और ‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ पर उपलब्ध रहेगी. पात्र किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भी सूचना दी जाएगी.
* आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र किसानों को सूची में नाम आने के बाद बैंक या ‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ में जाकर आधार आधारित बायोमेट्रिक (केवाईसी) प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य होगा. वन टाइम सेटलमेंट योजना के लाभार्थियों को पहले अपने हिस्से की राशि जमा करनी होगी, तभी सरकारी सहायता उनके ऋण खाते में जमा की जाएगी. सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था और विशेष समितियों का गठन किया है. सहकार विभाग, जिला प्रशासन, बैंक और महाआईटी के समन्वय से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज़ बनाने का दावा किया गया है. सरकार का मानना है कि इस योजना से लाखों किसान कर्जमुक्त होकर दोबारा ऋण लेने के पात्र बनेंगे, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.

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