प्राचार्य डॉ. अंबादास कुलट का सम्मान एवं विदाई समारोह
श्री शिवाजी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक व कर्मचारी रहे उपस्थित

अमरावती /दि.1– स्थानीय श्री शिवाजी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अंबादास कुलट का श्री शिवाजी कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, अकोला में प्राचार्य पद पर स्थानांतरण होने पर महाविद्यालय की ओर से उनका सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया.
महाविद्यालय के डॉ. पंजाबराव देशमुख सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. महेंद्र मेटे ने की. समारोह में महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रमेश अंधारे, पूर्व वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. बी. टी. गावंडे, श्री शिवाजी शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुभाष गावंडे, कनिष्ठ महाविद्यालय की पर्यवेक्षक प्रो. कविता पाटील तथा अधीक्षक किशोर राजगड़े प्रमुख रूप से उपस्थित थे. कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने डॉ. अंबादास कुलट के कार्यकाल की सराहना करते हुए महाविद्यालय के विकास में उनके योगदान को उल्लेखनीय बताया और उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं. डॉ. राजेश मिरगे सहित अन्य वक्ताओं ने भी उनके नेतृत्व और कार्यशैली की प्रशंसा की. अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. महेंद्र मेटे ने डॉ. कुलट को अकादमिक विजनरी बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में महाविद्यालय को विकास की नई दिशा मिली. अपने मनोगत में डॉ. अंबादास कुलट ने कहा कि प्राचार्य के रूप में 22 माह का उनका कार्यकाल हमेशा स्मरणीय रहेगा. उन्होंने महाविद्यालय के सभी सहयोगियों से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी आत्मीयता की अपेक्षा जताई.
इस अवसर पर डॉ. कुलट का शाल, श्रीफल, स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया. कनिष्ठ महाविद्यालय, डॉ. बी. टी. गावंडे, डॉ. रवि जुमले, डॉ. प्रकाश तायडे, भैय्यासाहेब मेटकर तथा प्राचार्य डॉ. अर्चना बोबडे ने भी उनका अभिनंदन किया. वहीं पूर्व प्राचार्य डॉ. रमेश अंधारे ने प्रभारी प्राचार्य डॉ. महेंद्र मेटे का भी शाल एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. जयराम गायकवाड़ ने किया, जबकि डॉ. किशोर साबले ने प्रस्तावना प्रस्तुत की. डॉ. उमेश कडू, डॉ. संजय कटाईत, डॉ. ज्ञानेश्वर नामुर्ते, डॉ. सुवर्णा गाडगे तथा राजू अंबाडकर ने अतिथियों का स्वागत किया. अंत में डॉ. प्रशांत हरमकर ने आभार व्यक्त किया. समारोह में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.





